अब घुप अंधेरे में भी रेल यात्री आरक्षित कोच में लगे रिजर्वेशन चार्ट में अपने नाम पढ़ सकेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि ट्रेनों में अब इलेक्ट्रानिक रिजर्वेशन चार्ट लगने जा रहा है। इस सुविधा सेे उन यात्रियों को भी सहूलियत मिलेगी जो ट्रेन के ठहराव वाले स्टेशन से सवार होते हैं लेकिन विभिन्न कारणों से चार्ट के क्षतिग्रस्त हो जाने के चलते अपना नाम और कोच नहीं ढूंढ पाते। एनसीआर जोन की प्रमुख ट्रेनों में इसी वित्तीय वर्ष में इस तरह के चार्ट लगने की संभावना है। खास बात यह कि अगर कोई अपनी टिकट निरस्त कराता है तो आरएसी और प्रतीक्षा सूची वालों का नाम इलेक्ट्रानिक रिजर्वेशन चार्ट में अपने आप ही अपडेट हो जाएगा।
वर्तमान समय में ट्रेनों में जो यात्री अपना रिजर्वेशन कराते हैं, उनका नाम एवं सीट नंबर कोच के बाहर दरबाजे के पास रिजर्वेशन चार्ट में रहता है। ट्रेन के आरंभिक स्टेशन के बाद अगले स्टेशन तक ज्यादातर कोचों में लगे चार्ट या तो उखड़ जाते हैं या फिर फट जाते हैं। ऐसे में उन यात्रियों को खासी दिक्कत होती है जिन्हें आगे के स्टेशनों से ट्रेन में बैठना होता है। आरएसी और प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को भी चार्ट न होने से परेशानी झेलनी पड़ती है। अब इलेक्ट्रानिक रिजर्वेशन चार्ट यात्रियों की इन्हीं समस्याओं का समाधान करेगा। ट्रेन छूट जाने केबाद अगर यात्री अपना टिकट निरस्त करवाते हैं तो उसकी जानकारी भी इलेक्ट्रानिक रिजर्वेशन चार्ट में अपडेट हो जाएगी।
इतना ही नहीं आगे स्टेशन से जो यात्री ट्रेन में चढ़ने वाले हैं उनका नाम भी चार्ट में अपडेट होता रहेगा। इलेक्ट्रानिक चार्ट कोच के दोनों ओर दरबाजे के बाहर लगाये जाने की तैयारी है, जबकि कागज के चार्ट ट्रेन के एक साइड में ही लगाए जाते हैं। चर्चा है कि इसकी शुरुआत राजधानी, शताब्दी, दुरंतो जैसी वीआईपी ट्रेनों से होगी। इसमें विज्ञापन केजरिये भी रेलवे कमाई करेगा।
‘इलेक्ट्रानिक रिजर्वेशन चार्ट लगाए जाने की तैयारी कई जोनल रेलवे ने शुरू कर दी है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) में भी इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। ’
0 बिजय कुमार, एनसीआर, सीपीआरओ