prayagraj news : गंगा की रेती से आठ शव फिर निकले।
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फाफामऊ घाट पर पानी भरने से अब शव जलाने की जगह नहीं रह गई है। रविवार को रेत के टापू से आठ और शव निकले। इन शवों को नावों से लादकर किनारे लाया गया। फिर, कर्जन पुल से लकड़ियां नीचे गिराकर चिताएं जलाई गईं। इसी के साथ इस घाट पर लावारिस शवों के मिलने की संख्या बढ़कर 201 हो गई है।
गंगा के जलस्तर से फाफामऊ घाट जलमग्न होने के बाद अब वहां चिताएं जलाने की जगह नहीं बची है। फिर भी कटान से अभी भी शव बाहर निकाले जा रहे हैं। चारों तरफ पानी से घिरे फाफामऊ घाट पर रेत के टापू से रविवार को आठ शव निकाले गए। इसके बाद इन शवों को नावों पर लाद कर किनारे लाया गया। किनारे लाए गए शवों को जलाने के लिए लकड़ी भी पहुंचाने के लिए घंटों मशक्कत की गई।
कर्जन पुल से लकड़ियां नीचे गिराई गईं। फिर मजदूरों की मदद से चिताएं सजाई गईं। रेत से निकाले गए इन शवों का रात नौ बजे तक अंतिम संस्कार किया गया। फाफामऊ जोन के जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह ने रामनामी ओढ़ाकर सभी शवों को मुखाग्नि दी।