यातायात पुलिस के नजरिये से शहर के 17 प्रमुख चाैराहे, जिनमें मेडिकल चाैराहा, शास्त्री पुल, एमएनएनआईटी चाैराहा, प्रीतमनगर, पुराना यमुना ब्रिज सब्जी बाजार चाैराहा, फाफामऊ, तेलियरगंज, हनुमान मंदिर चाैराहा, सिविल लाइंस बस स्टैंड चाैराहा, रेलवे स्टेशन चाैराहा, जाॅनसनगंज चाैराहा, लेबर चाैराहा, रामबाग बस डिपोट चाैराहा, जीटी जवाहर चाैराहा, लेप्रोसी जंक्शन, अंदावा चाैराहा और बांगड़ धर्मशाला चाैराहे पर सबसे ज्यादा जाम, प्रदूषित हवा और ध्वनि प्रदूषण है। इससे निपटने के लिए यातायात पुलिस दिल्ली की एयर पाॅल्यूशन एक्शन ग्रुप की टीम बुलाई है। यह टीम पुलिस के साथ मिलकर इन चाैराहों पर शोध कर बताएगी कि आखिरकार यहां पर जाम लगने का सबसे बड़ा कारण क्या है।
शहरवासी ले सकेंगे शुद्ध हवा
एयर पाॅल्यूशन एक्शन ग्रुप के टीम लीडर विष्णू नाथ सीएच ने बताया कि उनकी टीम यातायात पुलिस के साथ मिलकर काम रही है। इससे पहले से टीम पटना समेत अन्य शहरों में इस तरह का शोध कर चुकी है। उन्हाेंने बताया कि टीम जाम, आबोहवा को शुद्ध करने और ध्वनि प्रदूषण की वजह बताने के लिए अलग-अलग पैरामीटर्स पर शोध कर रही है। मेडिकल चाैराहे से शोध शुरू हो गया है। इस काम के पूरा होने के बाद शहरवासियों को जाम से छुटकारा मिलने के साथ ही शुद्ध आबोहवा ले सकेंगे। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण से भी राहत मिलेगी।
यातायात पुलिस चलाएगी अभियान
यातायात निरीक्षक पवन कुमार पांडे ने बताया कि शहर की आबोहवा अशुद्ध होने की सबसे बड़ी वजह है गाड़ियों का समय से पाॅल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) न कराना। गाड़ियों से धुआं निकलने की वजह से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता ही चला जाता है। यह समस्या तब और भी ज्यादा बढ़ जात है, जब ट्रैफिक लाइट प्वाइंट चालक गाड़ियों को स्टार्ट करके रखते हैं। जल्द यातायात पुलिस पीयूसी सर्टिफिकेट न होने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाएगी। इसमें पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना है। निरीक्षक ने बताया कि दिल्ली की टीम के शोध से यातायात पुलिस को काफी राहत मिलेगी।
इन-इन पैरामीटर्स पर होगा शोध
- चाैराहों पर जाम की वजह क्या है।
- फोर्स की कमी तो नहीं है।
- चाैराहाें पर अतिक्रमण तो जाम की वजह नहीं।
- गलत दिशा से ज्यादा गाड़ियां तो नहीं चलतीं।
- ट्रैफिक सिंग्नल लाइट टाइमिंग की कितनी जरूरत है।
- जाम के दाैरान गाड़ियां स्टार्ट रहती है या बंद होती है।
- ध्वनि प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण क्या है।
- लोग अपने वाहनों में हाॅर्न का कितना इस्तेमाल करते हैं।