इन-इन जगहों पर प्राॅपर्टी
सूत्रों का कहना है कि गोविंदपुर में इनके अपने घर के अलावा अलकनंदा में तीन अपार्टमेंट हैं। सिविल लाइंस के सरोजनी अपार्टमेंट में एक फ्लैट, सिविल लाइंस के साईं लैंडमार्क में एक ऑफिस, नैनी स्थित रुद्रा आकृति में तीन फ्लैट, झूंसी के पारस नारायण में दो फ्लैट हैं। वहीं, लखनऊ में यमुना विहार काॅलोनी में एक घर है, जोकि निहारिका के नाम से हैं। इसके अलावा मिर्जापुर में एक प्लाट और नोएडा के वेब अपार्टमेंट में एक फ्लैट हैं। यह संपत्ति ओमप्रकाश, निहारिका, अभिषेक व उसके भाई के नाम पर है। वहीं, पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इन संपत्तियों के बारे में भी जांच की जाएगी।
छह महीने पहले ही बना ऑफिस
निवेशकों ने बताया कि कंपनी की शुरूआत वर्ष 2020 में हुई थी। उस दाैरान कंपनी सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर के पास था। लेकिन, तब वह ऑफिस किराए पर था। बाद में निहारिका वेंचर्स एंड डेवलपर्स ने अपना व्यावसायिक ऑफिस सिविल लाइंस स्थित लैंडमार्क में ले लिया था। करीब छह महीने पहले ही यहां ऑफिस शिफ्ट किया गया है। इससे साफ होता है कि वर्ष 2020 के बाद से इनकी संपत्ति में विकास होने लगा।
छोड़ गए तीन कार
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास कई कारों का जखीरा भी है। इनमें तीन कार तो घर के पास ही छोड़कर भाग गए। जांच में पता चला कि सभी कारों का नंबर एक ही सिरीज के हैं। जिनमें आखिरी में 27 है। घर के पास मिली तीन कारों में टोयटा की हाईब्रिड और दो इलेक्ट्रिक कार है। पुलिस अब इन तीनाें कार पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का शक है आरोपी इन कारों को लेने के लिए किसी को जरूर भेजेंगे।