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डॉ. एके बंसल हत्याकांड : एक समय बंसल का बेहद करीबी बन गया था आलोक सिन्हा

Thu, 26 Aug 2021 05:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पुलिस के मुताबिक मूल रूप से कंकड़ बाग कालोनी, पटना का रहने वाला आलोक सिन्हा गाजियाबाद में नीट और जेईई की कोचिंग चलाता था। जिस बिल्डिंग में कोचिंग सेंटर था, उसके मालिक अजय प्रकाश श्रीवास्तव हैैं।
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Prayagraj News : आलोक सिन्हा, बंसल हत्याकांड का मुख्य आरोपी। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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बंसल हत्याकांड के मुख्य आरोपी आलोक सिन्हा को बुधवार को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया तो कई राज खुल गए। जिस आलोक ने शूटरों को 70 लाख देकर डॉ. बंसल को गोलियों से भुनवा दिया, वह एक समय वह डॉ. बंसल का बेहद करीबी हो गया। दोनों ने साथ कई बिजनेस भी किए। एडमीशन माफिया आलोक जब बंसल के बेटे का एडमीशन नहीं करा पाया तो दोनों में विवाद हो गया। विवाद इतना गहरा हो गया कि आलोक ने डॉ. बंसल की हत्या करवा दी। 

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Prayagraj News : बंसल हत्याकांड का मुख्य आरोपी आलोक सिन्हा। - फोटो : प्रयागराज
पुलिस के मुताबिक मूल रूप से कंकड़ बाग कालोनी, पटना का रहने वाला आलोक सिन्हा गाजियाबाद में नीट और जेईई की कोचिंग चलाता था। जिस बिल्डिंग में कोचिंग सेंटर था, उसके मालिक अजय प्रकाश श्रीवास्तव हैैं। अजय लखनऊ स्थित महर्षि महेश योगी विश्वविद्यालय के चेयरमैन हैं। आलोक और अजय श्रीवास्तव में दोस्ती हो गई। अजय श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय में उनके पार्टनर रहे डॉ. बंसल से आलोक की मुलाकात कराई। उस समय आलोक ने देश के कई बड़े प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में अपनी पैठ बना ली थी।

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एडमीशन कराके वह अच्छा खासा पैसा कमा चुका था। वह अक्सर प्रयागराज आता तो बंसल के घर पर रुकता। दोनों ने कई बिजनेस भी साथ-साथ किए। उसकी सेटिंग देखकर डॉ. बंसल ने अपने बेटे अर्पित बंसल का डीएम नेफ्रोलॉजी में एडमीशन कराने को कहा। बात 55 लाख में तय हुई। दस लाख चेक के माध्यम से दिए गए। 45 लाख कैश दिया गया।

Prayagraj News : Dr. AK Bansal file photo - फोटो : prayagraj
आलोक वह एडमीशन नहीं करा पाया। यहीं से बात बिगड़नी शुरू हुई। बंसल ने पैसों के लिए दबाव बनाना शुरू किया। आलोक ने पुलिस को बताया कि उसे धमकी भी दिलवाई गई। अंत में उसके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। उसे धोखे से यहां बुलवाकर गिरफ्तार करा दिया गया। गिरफ्तारी के बाद बंसल थाने गए तो आलोक ने सिविल लाइंस थाने में सबके सामने कहा था ‘वह इस धोखे का बदला लेगा’। इसके बाद वह नैनी जेल भेज दिया गया। 

नैनी जेल में रची गई पूरी साजिश 
नैनी जेल में आलोक की मुलाकात दिलीप मिश्रा से हुई। दिलीप और आलोक की डॉ. बंसल के घर में पहले भी मुलाकात हुई थी। बंसल ने नैनी में जमीनों की खरीद फरोख्त का काम शुरू किया था जिसके कारण दिलीप अक्सर उनसे मिलने जाता था। हालांकि बाद में तीन बीघा जमीन के विवाद में बंसल और दिलीप में भी दुश्मनी हो गई। जेल में आलोक और दिलीप डॉ. बंसल के खिलाफ षडयंत्र रचने लगे। दिलीप ने उसे अपराधी अख्तर कटरा से मिलवाया। दिलीप और अख्तर कटरा ने मिलकर शूटरों का इंतजाम किया। आलोक ने शूटरों पर 70 लाख खर्च किए और डॉ. बंसल की हत्या करा दी। 
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prayagraj news : Dr. Ak Bansal (File Photo) - फोटो : prayagraj
कोचिंग संचालक से बन गया एडमीशन माफिया
पटना का रहने वाला आलोक सिन्हा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली पहुंचा था। हालांकि वह सफल नहीं हो पाया। यहीं पर उसने कई कोचिंग संस्थानों में गणित पढ़ाना शुरू कर दिया। गणित का वह अच्छा अध्यापक था। 2013 में उसने दो तीन दोस्तों के साथ मिलकर मेडिको मेकर्स के नाम से कोचिंग खोली। इसी दौरान उसे पता चला कि मेडिकल की कोचिंग में ज्यादा फायदा है। इसके बाद टापर्स 100 के नाम से कोचिंग वैशाली गाजियाबाद में खोली। यहीं से उसकी किस्मत पलट गई। जिस बिल्डिंग में कोचिंग सेंटर था, उसके मालिक अजय प्रकाश श्रीवास्तव से उसकी दोस्ती हुई। महर्षि योगी विश्वविद्यालय के चेयरमैन अजय की वजह से उसका बड़े बड़े लोगों में उठना बैठना हो गया। तमाम प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में सेटिंग करके उसने एडमीशन कराना शुरू किया और जल्द ही करोड़पति हो गया। 

आठ आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं एडमीशन माफिया पर 
एडमीशन माफिया आलोक पर आठ आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। शहर में सिविल लाइंस और कीडगंज के अलावा मंगलौर कर्नाटका, रोहतक हरियाणा, लाजपतनगर दिल्ली , रेवाड़ी हरियाणा और साउथ वेस्ट दिल्ली में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हैं। 

बंसल और दिलीप मिश्रा के बीच था करोड़ों की जमीन का विवाद 
डॉ. बंसल ने लवायन कला, अरैल में तीन बीघे जमीन अशोक कुमार निषाद से खरीदी थी। जमीन की कीमत करोड़ों में है। बाद में दिलीप मिश्रा ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया जिसके कारण डॉ. बंसल और दिलीप के बीच दुश्मनी हो गई थी। कब्जा भले ही दिलीप के पास है लेकिन रजिस्ट्री आज भी बंसल की फर्म नकुल टेक्नोबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के नाम है। 
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