न्यायालय ने याची द्वारा लगाए गए आरोपों पर जिलाधिकारी आजमगढ़ से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। जिसके क्रम में जिलाधिकारी आजमगढ़ ने शपथपत्र दाखिल कर बताया कि आजमगढ़ जिले में विगत तीन वर्षों में विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन के 20 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रार्थना सभाओं के नाम पर दूसरे धर्म के प्रति घृणा फैलाई जाती है, इसलिए आजमगढ़ प्रशासन द्वारा प्रार्थना सभाओं के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा रही है।
जिलाधिकारी द्वारा दाखिल शपथपत्र पर याची ने आपत्ति दर्ज करवाई। कहा कि शपथपत्र साक्ष्य विहीन है। राज्य सरकार की ओर से पेश स्थायी अधिवक्ता की प्रार्थना पर जिलाधिकारी आजमगढ़ को पूरक शपथ पत्र दाखिल करने का एक और अवसर प्रदान किया गया। कोर्ट ने पूर्व लंबित समान प्रकृति की एक अन्य जनहित याचिका के साथ इस जनहित याचिका की सुनवाई के लिए तीन जुलाई नियत की है।