कोर्ट ने चिंता प्रकट करते हुए कहा, पॉलिथीन के प्रयोग से सीबर व नाले जाम हो रहे हैं। गंगा यमुना में पॉलिथीन बोतल जाकर प्रदूषण फैला रहे हैं। कोर्ट ने मौजूद विभिन्न कॉलेजों के इंटर्नशिप कर रहे विधि छात्रों तथा 2022 में पंजीकृत युवा अधिवक्ताओं को अपने क्षेत्र में व्यापारियों की ओर से पॉलिथीन की खरीद-फरोख्त पर रिपोर्ट तैयार कर पेश करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अजीत कुमार सिंह, भारत सरकार के अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी, केंद्रीय जल निगम के अधिवक्ता बाल मुकुंद सिंह तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिवक्ता डॉ.हरि नाथ त्रिपाठी ने पक्ष रखा। याचिका पर बृहस्पतिवार को भी दो बजे से सुनवाई होगी।