इसे देखते हुए रात दस बजे राजू ने रेलमंत्री को संबोधित एक ट्वीट किया। कुछ ही देर में जीएम एनसीआर, डीआरएम प्रयागराज, सीनियर डीसीएम प्रयागराज, सीपीआरओ एनसीआर, आरपीएफ एनसीआर तक उसका ट्वीट पहुंच गया। ट्रेन रात में प्रयागराज जंक्शन भी पहुंची, लेकिन राजू को कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद पूरी रात राजू ने लगातार पांच ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई।
इस दौरान ट्रेन सतना, जबलपुर से भी आगे निकल गई। सुबह करीब 11.30 बजे ट्रेेन जब इटारसी पहुंची तो तब जाकर जीआरपी और आरपीएफ पहुंची। उसकेे बाद बच्चों को शौचालय ले जाया गया। राजू ने बताया कि उसका यह सफर कड़वे अनुभव वाला रहा। कहा कि रेलवे का ट्विटर पर त्वरित कार्रवाई का दावा हवा हवाई है। रास्ते भर स्लीपर कोच में भीड़ रही। शौचालय में भी यात्रियों का कब्जा था।