प्रेसवार्ता में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
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स्पेशल कोर्ट एमपी/एमएलए ने प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्या, मंत्री डॉ. रीता जोशी और स्वामी प्रसाद मौर्या तथा विधायक रवींद्र त्रिपाठी के खिलाफ वारंट जारी करने का आदेश दिया। इन सभी के मुकदमे स्पेशल कोर्ट में विचाराधीन हैं।
डिप्टी केशव मौर्य के खिलाफ दस वर्ष पुराने धोखाधड़ी के एक मुकदमे में गैरजमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। इस मामले में 10 आरोपी बनाए गए हैं। मोहब्बतपुर पइंसा थाने पर 22 सितंबर 2008 को दर्ज मुकदमों में आरोप है कि मां दुर्गा कमेटी बनाकर तथा पैड छपवाकर अवैध रूप से धन वसूला गया।
वहीं कैबिनेट मंत्री डॉ. रीता जोशी की पत्रावली लखनऊ से अंतरित होकर आई, जिसमें इनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करने का आदेश प्रभावी है। लखनऊ के वजीरगंज थाने में आईपीसी की धारा सरकारी आदेश की अवहेलना करने (188), लोगों का जीवन संकट में डालने (336) आईपीसी में मुकदमा दर्ज हुआ है। घटना 16 फरवरी 2010 की है। इस मुकदमे को वापस लेने की अर्जी शासन की ओर से पेश भी की गई।
इसी क्रम में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ पडरौना कुशीनगर में दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया कि 20 जनवरी 2012 को कर्पूरी ठाकुर जयंती समारोह में वोटरों को भोजन व रुपये बांट रहे थे। इस मामले में 24 दिसंबर 2013 से वारंट चल रहा है।
भदोही से विधायक रवींद्र त्रिपाठी के खिलाफ पेश आरोप पत्र में कहा गया कि 17 जनवरी 2012 को अपने नाम और चिन्ह का कैलेंडर बांट रहे थे, बिजली के खंभे पर लटका रहे थे, इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश है।