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Vande Bharat Sleeper Train: दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत को मिल सकता है स्लीपर कोच, जानें कब तक करना होगा इंतजार

Fri, 06 Oct 2023 10:01 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

इसका फायदा उन यात्रियों को होगा, जिन्हें लंबी यात्रा में सिर्फ बैठकर सफर करने में परेशानी होती है। स्लीपर कोच लगने के बाद ऐसे यात्री आराम से लेटकर अपनी यात्रा कर सकेंगे।
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वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर कोच इस तरह दिखेंगे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रयागराज होकर दिल्ली से वाराणसी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को आने वाले दिनों में स्लीपर कोच का तोहफा मिल सकता है। इसका फायदा उन यात्रियों को होगा, जिन्हें लंबी यात्रा में सिर्फ बैठकर सफर करने में परेशानी होती है। स्लीपर कोच लगने के बाद ऐसे यात्री आराम से लेटकर अपनी यात्रा कर सकेंगे। अगले वर्ष यह सुविधा मिल सकती है।

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मौजूदा समय पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों को छोड़ दिया जाए तो वंदे भारत एक्सप्रेस सभी राज्यों में चल रही है। पहली वंदे भारत दिल्ली से वाराणसी के बीच फरवरी 2019 में चली। प्रयागराज होकर चलने वाली यह एकमात्र वंदेभारत है,जिसकी औसत स्पीड 100 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा की है।

दिल्ली से वाराणसी के बीच 769 किमी. की दूरी यह ट्रेन आठ घंटे में तय करती है। इसमें दो एग्जीक्यूटिव चेयर कार एवं 14 चेयर कार लगती है। भले ही यह ट्रेन अन्य ट्रेन के मुकाबले समय कम लेती हो, लेकिन दिल्ली से प्रयागराज तक छह एवं वाराणसी तक आठ घंटे लगातार बैठे रहना यात्रियों के लिए आसान नहीं है। ऐसे में अब चर्चा इस बात की है कि इसमें अगले वर्ष स्लीपर कोच लगाए जा सकते हैं। चेन्नई स्थित इंट्रीगल कोच फैक्टरी में इसे डिजाइन किया गया है।
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रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी स्लीपर कोच वाली वंदे भारत ट्रेन की फोटो अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर भी जारी की है। स्लीपर कोच वाली वंदे भारत के हर एक कोच में तीन टॉयलेट और एक मिनी पैंट्री हो सकती है। रेलवे अफसरों का भी कहना है देशभर में मौजूदा समय चल रही वंदे भारत में सबसे ज्यादा लंबी दूरी की नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत ही है। इसके बाद हजरत निजामुद्दीन-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस का नंबर आता है। खास बात यह है कि यह दोनों ही लंबी दूरी की वंदे भारत का अधिकांश सफर उत्तर मध्य रेलवे जोन पर ही होता है।
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