प्रयागराज में महावीर भवन के साथ ही कल्याण सिंह का कीडगंज स्थित विहिप कार्यालय में भी आना हुआ। अशोक सिंहल के गुरु ठाकुर गुरुजन सिंह से भी उनके आत्मीय संबंध रहे। उनसे मुलाकात के लिए वह कीडगंज कार्यालय में मिलने आए।
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Prayagraj News : पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की प्रयागराज आगमन की फोटो (फाइल फोटो)।
- फोटो : प्रयागराज
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का गृह जनपद भले ही अलीगढ़ रहा हो लेकिन उनके हिंदुत्व एजेंडे को प्रयागराज ने ही धार दी थी। राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान वह अशोक सिंहल से मुलाकात के लिए कई दफे प्रयागराज आए। हाशिमपुर रोड स्थित महावीर भवन में बंद कमरे में अशोक सिंहल के साथ उनकी मंदिर आंदोलन को लेकर तमाम चर्चा होती रही। आंदोलन से जुड़े भी तमाम निर्णय उन्होंने अशोक सिंहल के साथ ही लिए।
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Prayagraj News : पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के प्रयागराज आगमन की फाइल फोटो।
- फोटो : प्रयागराज
प्रयागराज में महावीर भवन के साथ ही कल्याण सिंह का कीडगंज स्थित विहिप कार्यालय में भी आना हुआ। अशोक सिंहल के गुरु ठाकुर गुरुजन सिंह से भी उनके आत्मीय संबंध रहे। उनसे मुलाकात के लिए वह कीडगंज कार्यालय में मिलने आए। विहिप प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार कहते हैं कि स्वर्गीय सिंहल के साथ कल्याण सिंह ही एकमात्र ऐसे नेता रहे जिन्होंने मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
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Prayagraj News : पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की प्रयागराज आगमन की फाइल फोटो।
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कहा कि तब महावीर भवन ही मंदिर आंदोलन का मुख्य केंद्र था। यूपी का सीएम बनने के पूर्व कल्याण सिंह यहां अशोक सिंहल से मिलने यहां आए थे। महावीर भवन में मंदिर आंदोलन से जुड़ी रणनीति बना करती थी। उधर विहिप गौरक्षा आयाम के प्रांत मंत्री लालमणि तिवारी ने बताया कि ठाकुर गुरुजन सिंह से मुलाकात के लिए कल्याण सिंह कीडगंज कार्यालय आए थे।
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Prayagraj News : पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की प्रयागराज आगमन की फाइल फोटो।
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विहिप मीडिया प्रभारी अश्वनी मिश्र ने बताया कि अयोध्या में विवादित ढांचा गिरने के तीन माह पूर्व कल्याण सिंह सीएम के रूप में तत्कालीन अपर महाधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद गोयल के घर आए। यहां उनके आवास पर रुक कर उन्होंने रणनीतिकारों से भेंट की। इसके बाद माघ मेला में खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बहाने उन्होंने मंदिर आंदोलन की नब्ज टटोली। ढांचा विध्वंस के बाद तुला रामबाग में संघ विचार परिवार के एक कार्यकर्ता के आवास पर आए। गोवंश के रक्षा के लिए गौशालाओं को सरकारी अनुदान मिले इसका श्रेय भी स्वर्गीय कल्याण सिंह को ही जाता है।
Prayagraj News : पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की प्रयागराज आगमन की फाइल फोटो।
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परंपरा का निर्वहन करने वाले नेता थे कल्याण सिंह : केशरी नाथ
पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने अपने साथी और पूर्व सीएम कल्याण सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह परंपरा का निर्वहन करने वाले नेता थे। उन्होंने पुराने संस्मरण भी साझा किए। कहा कि जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिरा उस समय कल्याण सिंह सूबे के सीएम थे। तब मैं विधानसभा अध्यक्ष था। उस दिन में मुंबई से लौटा तो जानकारी मिली कि अयोध्या में विवादित ढांचे के दो गुंबद गिरा दिए गए हैं। कल्याण सिंह से मिलने पहुंचा तो मालूम पड़ा कि वह इस्तीफा देने जा रहे हैं। तब मैने भी इस्तीफा देने की पेशकश की। लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
कहा कि पंडित जी (केशरी नाथ) मैं सीएम हूं, इस वजह से मेरी जिम्मेदारी बनती है कि मैं इस्तीफा दूूं। आप को इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है। केशरी नाथ ने कहा कि तब कल्याण सिंह के आग्रह की वजह से ही उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। पूर्व राज्यपाल के अनुसार वर्ष 1977 में प्रदेश सरकार में कल्याण सिंह उनके साथ मंत्री रहे। उनके दोनों ही कार्यकाल में मेरे पास विधानसभा अध्यक्ष का पद रहा। कल्याण सिंह की खास बात यह रही कि वह कभी भी अपने मंत्रियों से सलाह लेने में पीछे नहीं हटते। मुझसे भी वह तमाम मामलों पर विचार विमर्श करने के बाद ही निर्णय लेते।