मुहूर्त के अनुसार किया तिथियों का निर्धारण
महामंत्री महंत हरि गिरि ने बताया कि जूना अखाड़े के प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी में महाकुंभ में भाग लेने, नगर प्रवेश करने, धर्म ध्वजा पूजन, नागा संन्यासी के लिए लगाए जाने वाले शिविरों के लिए भूमि आवंटन और कुंभ शिविर में प्रवेश के अलावा अन्य तिथियों का निर्धारण मुहूर्त के अनुसार किया गया है।
अखाड़े के रमता पंच, नागा संन्यासी, मठाधीश, महामंडलेश्वर, आश्रमधारी शहर से बाहर रामपुर ग्राम स्थित सिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में शरद पूर्णिमा पर 16 अक्तूबर को पहुंच जाएंगे। तीन नवंबर को यम द्वितीया पर रमता पंच की अगुवाई में जूना अखाड़ा पूरे लाव-लश्कर, बैंड बाजा, सोने-चांदी की पालकियों के साथ शाही जुलूस की शक्ल में नगर प्रवेश करेगा। 23 नवंबर को कुंभ मेला छावनी में काल भैरव अष्टमी के दिन आवंटित भूमि का पूजन कर धर्म ध्वजा स्थापित की जाएगी।
14 दिसंबर को अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि के नेतृत्व में जूना अखाड़ा की ओर से पेशवाई निकाली जाएगी, जो संगम स्थित कुंभ मेला छावनी में समूह के साथ प्रवेश करेगी। 13 जनवरी को प्रथम शाही स्नान से पहले वेणी माधव भगवान की पूजा-अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और नगर परिक्रमा की जाएगी।
महाकुंभ में तीन शाही स्नान की तिथियां
प्रथम शाही स्नान : 14 जनवरी 2025 - मकर संक्रांति
द्वितीय शाही स्नान : 29 जनवरी 2025 - मौनी अमावस्या
तृतीय शाही स्नान : तीन फरवरी 2025 - वसंत पंचमी
तीन अन्य महत्वपूर्ण स्नान
13 जनवरी - पौष पूर्णिमा
12 फरवरी - माघी पूर्णिमा
26 फरवरी - महाशिवरात्रि पर्व
महाकुंभ में नगर प्रवेश, पेशवाई, रमता पंच आगमन समेत शाही स्नान और धर्म-ध्वजा पूजन की तिथियां तय कर ली गई हैं। कार्ड प्रकाशन के लिए भेज दिया गया है। - महंत नारायण गिरि, प्रवक्ता, पंच दशनाम जूना अखाड़ा