लॉक डाउन के दौरान आर्थिक तंगी से निपटने के लिए एक कोचिंग संचालक अपराधी बन गया। कोचिंग बंद होने पर दरोगा पुत्र ने इविवि छात्रनेता साथी के साथ मिलकर अवैध बालू लदे वाहनों को पास कराने का गोरखधंधा शुरू किया। वह खुद को क्राइम ब्रांच का सिपाही बता कर वसूली करता था। बुधवार को पुलिस ने उसे दबोच लिया।
चौकी इंचार्ज एग्रीकल्चर तरुणेंद्र त्रिपाठी को सूचना मिली थी कि क्षेत्र के वल्दी का पूरा गांव में यमुना घाट से बालू लदे ट्रैक्टर ट्राली पास कराई जा रही हैं, जिसमें कुछ लड़के खुद को क्राइम ब्रांच का सिपाही बताते हैं। सूचना के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने घेरेबंदी करके वल्दी का पूरा गांव के सामने से अर्पण पांडेय पुत्र वीरेंद्र पांडेय निवासी राजरूपपुर आवास विकास कालोनी, धूमनगंज को गिरफ्तार कर लिया।
मौके से अर्पण की एक बुलेट मोटरसाकिल व ट्रैक्टर ट्राली भी मिली। पहले तो अर्पण ने क्राइम ब्रांच का सिपाही बनकर ही दरोगा पर रौब गांठा, लेकिन जब सख्ती के साथ उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके पिता वीरेंद्र पांडेय प्रतापगढ़ में एसआईएमटी हैं, जबकि भाई-बहन पुलिस विभाग में ही सिपाही हैं और कानपुर में तैनात हैं। अर्पण शहर में कोचिंग चलाता था, लेकिन लॉक डाउन की वजह से कोचिंग बंद हो गई, जिससे वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसने बालू पास कराने का धंधा शुरू किया था।
उसके साथ इलाहाबाद विश्विविद्यालय छात्रसंघ के छात्रनेता अभिजीत रावत, तिगनौता, नैनी निवासी अरमान पुत्र इब्राहिम, मड़ौका गांव निवासी वारिस पुत्र जाहिद, खालिद पुत्र फारुख अली, माजिद, अफसर उर्फ टीपू, सैफ व शाकिब भी शामिल हैं। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वांछितों की तलाश की जा रही है।