कक्षा आठ की प्रियंका जब मंगलवार को दंगल फिल्म देखकर बाहर निकली तो उसका चेहरा जोश और उत्साह से चमक रहा था। एक तो पहली बार सिनेमाहॉल में फिल्म देखना और वो भी बेटियों पर केंद्रित फिल्म दंगल। प्रियंका ने बताया कि फिल्म दंगल ने उसके अंदर नई ऊर्जा जगाई है। वह भी खेल में ही आगे जाएगी और देश का नाम रोशन करेेगी। वहीं ताइक्वांडो में नेशनल मेडलिस्ट प्रांजलि शिवपुरी और आरती सिंह ने बताया कि फिल्म देखकर काफी अच्छा लगा। इस तरह की फिल्में खेल भावना को जगाती हैं। यह फिल्म उन अभिभावकों को भी देखनी चाहिए जो बेटियों को बेटों से कमतर समझते हैं।
ऐसे ही विचार मंगलवार को पैलेस थियेटर में फिल्म देखने पहुंची बेटियों के रहे। बेटियों को खेल भावना जगाने और प्रोत्साहित करने के लिए जिलाधिकारी की पहल पर बहादुरपुर और कौड़िहार ब्लाक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं और महिला खिलाड़ियों ने दंगल फिल्म दिखायी गई। फिल्म देखकर सभी बेहद खुश दिखी। विद्यालय की कई लड़कियां ऐसी थी, जिन्होंने सिनेमाहॉल में पहली बार फिल्म देखने का मौका मिला था। सुबह को पूरा हॉल उन्हीं के लिए बुक किया गया था। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की 300 और मदन मोहन मालवीय स्टेडियम और म्योहाल स्टेडियम की 150 महिला खिलाड़ियों ने फिल्म देखी। इस दौरान क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी संजय मिश्रा, विभिन्न खेलों के कोच और विद्यालयों की शिक्षिकाएं भी मौजूद रहीं।