फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीटी स्कैन से खुलासा: गुंजा के सिर की हड्डी टूटी, चोट लगने से दिमाग में आई सूजन

Thu, 25 May 2023 03:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सैदाबाद के ढोकरी गांव में रहने वाली गुंजा का हनुमानगंज के बीकापुर गांव स्थित गामा चिकित्सा संस्थान में इलाज चल रहा है। बुधवार को प्रयागराज में उसका सीटी स्कैन कराया गया। अस्पताल के संचालक डॉ. एसएन यादव ने बताया कि बालों के तेज रफ्तार पंखे में फंसने से उसने तेजी से गुंजा को अपनी ओर खींचा है।
विज्ञापन
जनरेटर में बाल फंसने से घायल गुंजा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डीजे की धुन पर डांस करते वक्त सोमवार को जनरेटर में बाल फंसने से हादसे का शिकार हुई हाईस्कूल की छात्रा गुंजा के सिर की बाईं तरफ की हड्डी टूट गई है। शुक्र है कि यह क्रैक हल्का है। बुधवार को हुए सीटी स्कैन से यह भी पता लगा है कि चोट लगने से दिमाग में सूजन भी आई है। हादसे में गुंजा के सारे बाल समेत सिर की चमड़ी उखड़ गई थी, जिसे फिट करने में 700 से ज्यादा टांके लगाने पड़े हैं।

विज्ञापन


सैदाबाद के ढोकरी गांव में रहने वाली गुंजा का हनुमानगंज के बीकापुर गांव स्थित गामा चिकित्सा संस्थान में इलाज चल रहा है। बुधवार को प्रयागराज में उसका सीटी स्कैन कराया गया। अस्पताल के संचालक डॉ. एसएन यादव ने बताया कि बालों के तेज रफ्तार पंखे में फंसने से उसने तेजी से गुंजा को अपनी ओर खींचा है। इससे सिर के बाएं तरफ की हड्डी में हल्का फ्रैक्चर हो गया है। चोट लगने से उसके दिमाग में सूजन भी आई है। इसे ठीक होने में एक हफ्ता लग सकता है।

सैदाबाद में हाईस्कूल की छात्रा गुंजा के साथ यह हादसा सोमवार को उस वक्त हुआ था, जब वह निशान ले जाने के दौरान डीजे की धुन पर डांस कर रही थी। उसके बाल सिर, माथे और गर्दन के कुछ हिस्से की चमड़ी समेत उखड़ गए थे। खून से लथपथ 16 साल की गुंजा को हनुमानगंज के बीकापुर गांव स्थित गामा चिकित्सा संस्थान में भर्ती कराया गया है। उसके सिर की चमड़ी को फिट करने के लिए करीब तीन घंटे ऑपरेशन चला। 700 से अधिक टांके लगाकर उसकी जान बचाई गई। तकरीबन 12 घंटे बाद मंगलवार सुबह उसे होश आया।

विज्ञापन

सीएमओ ने करवाया मुफ्त सीटी, कई लोगों ने दी आर्थिक सहायता
झूंसी। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली गुंजा के पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, जिस कारण 24 घंटे तक उसका सीटी स्कैन नहीं हो सका... अमर उजाला में बुधवार के अंक में यह खबर प्रकाशित होने के बाद कई लोगों ने अस्पताल आकर आर्थिक मदद दी। कई लोगों ने फोन करके गुंजा के पिता रामफल और मां मंजू देवी को भरोसा दिया कि पैसे के अभाव में उसके उपचार में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। दो महिलाओं समेत चार लोगों ने बृहस्पतिवार को अस्पताल पहुंचकर आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिया है। वहीं, सीएमओ ने भी घटना का संज्ञान लिया और बिटिया के सिर का सीटी स्कैन एक निजी स्कैनिंग सेंटर में नि:शुल्क कराया। 
विज्ञापन

बालों से था बहुत लगाव, खूब करती थी देखभाल

लंबे-घने और काले बालों से गुंजा को बहुत लगाव था और नाज भी। वह बालों की खूब देखभाल भी करती थी। गुंजा के परिजनों ने बताया कि उसे खुले बाल रखना बेहद पसंद था। हादसे वाले दिन भी वह अपने बाल शैंपू करके निशान मेें पहुंची थी। इस बीच चंद सेकंड में हुए हादसे ने न सिर्फ उसके लंबे और घने काले बाल छीन लिए, बल्कि उसकी जान भी मुसीबत में डाल दी। होश में आने के बाद भी उसने मां से सबसे पहले अपने बालों के बारे में ही पूछा था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें