हंडिया इलाके के खुटहना बनकट गांव में मंगलवार शाम मेड़ के झगड़े के बाद बुजुर्ग महिला को झोपड़ी के भीतर मार डाला गया। आरोप है कि गला घोंटकर निराशा देवी (65) का कत्ल करने के बाद दुश्मनों ने उसके भतीजे की झोपड़ी भी जला दी। हंगामा मचा तो पुलिस वहां पहुंची मगर आरोपी फरार हो गए थे। हालांकि दूसरे पक्ष ने कत्ल का आरोप झूठा करार दे दिया। पुलिस ने शव को चीरघर भेज दिया है।
खुटहना बनकट गांव निवासी निराशा (65) के पति बैजनाथ का देहांत हो गया था। उसकी कोई संतान भी नहीं थी। वह खेत के बीच में झोपड़ी में गुजारा करती थी। मंगलवार को निराशा के भतीजे प्रभुनाथ का उसी बस्ती के राजेश से खेत में मेड़ बनाने को लेकर झगड़ा हो गया।
मारपीट के बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव भी हुआ। उसी दौरान निराशा देवी अपनी झोपड़ी में मृत मिली। हल्ला मचा तो वहां भीड़ लग गई। हंगामा होने लगा। तभी प्रभुनाथ के भाई संगम की झोपड़ी में आग लगा दी गई। आरोप लगाया गया कि दुश्मनों ने ही निराशा देवी को गला घोंटकर मार डाला। फिर भतीजे संगम की झोपड़ी भी जला दी। खबर पाकर हंडिया थाने की पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर चीरघर भेजा। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।