नकली नोट बनाकर जिले में अलग-अलग जगहों पर सप्लाई करने वाले दो बदमाश शुक्रवार को मऊआइमा इलाके में पुलिस के हत्थे चढ़े। पुलिस का दावा है कि दोनों के पास से करीब डेढ़ लाख के नकली नोट और नोट बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
सीओ बैरहना सुकीर्ति माधव ने बताया कि सटीक सूचना पर शुक्रवार रात पुलिस, क्राइम ब्रांच की इंटेलीजेंस विंग ने मऊआइमा थाना क्षेत्र के तिलई बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के पास घेराबंदी कर दो संदिग्धों को पकड़ा। दोनों ने खुद को नागेंद्र पटेल पुत्र हीरालाल पटेल निवासी रानीगंज, प्रतापगढ़ और रंजीत कुमार यादव पुत्र छोटे लाल यादव निवासी मऊआइमा बताया। पुलिस की मानें तो तलाशी में दोनों के पास से 1,45,800 रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इनमें 2000 से लेकर 50 रुपये तक के नोट थे।
इनके कब्जे से कलर प्रिंटर, स्कैनर, दो मोबाइल के साथ ही दो बाइक भी बरामद हुईं। पुलिस की मानें तो नकली नोट बनाने का काम नागेंद्र करता था, जबकि इन नोटों की सप्लाई का जिम्मा रंजीत का था। मीडिया के सामने लाए गए दोनों आरोपियों ने बताया कि करीब डेढ़ महीने से वह इस गोरखधंधे में लगे हुए थे। अब तक करीब दो लाख रुपये के नकली नोट अलग-अलग जगहों पर खपा चुके हैं। आरोपियों ने बताया कि प्रतापपुर निवासी रवि पांडेय ने उसे नोट बनाने के लिए कागज व अन्य उपकरण उपलब्ध कराए थे। पुलिस को अब रवि की तलाश है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में मऊआइमा पुलिस के अलावा इंटेलिजेंस विंग प्रभारी बृजेश सिंह, स्वाट टीम के इंद्रप्रताप सिंह व अन्य शामिल रहे। एसएसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।