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राजकीय बालिका गृह से भागीं तीन किशोरियां

Mon, 25 Sep 2017 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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खुल्दाबाद थाने के सामने स्थित राजकीय बाल गृह (बालिका) से रविवार भोर में तीन नाबालिग लड़कियां भाग निकलीं। सुबह पता चलने पर खोजबीन शुरू की गई तो मालूम हुआ कि लड़कियां मगध एक्सप्रेस में बैठी हैं। इटावा स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने तीनों लड़कियों को ट्रेन से उतारकर चाइल्ड लाइन पहुंचा दिया। उन तीनों ने कहा कि बालिका गृह में उत्पीड़न से परेशान होकर भागी थीं। उन्हें सोमवार को वापस इलाहाबाद में राजकीय बाल गृह लाया जाएगा।
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इन लड़कियों में 16 वर्षीय कोमल दुबे वाराणसी में भेल्हपुर, 15 वर्र्षीय चंदा विश्वकर्मा पुत्री लालचंद्र गुजरात में अंकलेश्वर और 16 वर्र्षीय पूर्र्णिमा घोष पश्चिम बंगाल में आसनसोल जिले की रहने वाली है। उन्हें कुछ समय पहले रेलवे स्टेशन पर लावारिश पाकर रेलवे पुलिस ने चाइल्ड लाइन को सौंपा था। मजिस्ट्रेट के आदेश पर उन्हें राजकीय बाल गृह (बालिका) में रखकर परिजनों से संपर्क किया जा रहा था। रविवार भोर में वे तीनों बालिका गृह में पहले तल पर स्थित रसोई के रास्ते भाग निकलीं। केयरटेकर ड्यूटी से नदारद था और गेट के पास तैनात दोनों होमगार्ड सो रहे थे।

सुबह ड्यूटी बदलने पर जब गिनती की गई तो तीन लड़कियों के नदारद रहने का पता चलने पर खलबली मच गई। करीब सात बजे सूचना मिली तो जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज मिश्रा भी पहुंच गए। रेलवे चाइल्ड लाइन निदेशक अजीत सिंह तथा कोआर्डिनेटर चंद्रभूषण पांडेय समेत दूसरे कर्मचारी तलाश में जुट गए। खोजबीन के दौरान पता चला कि लड़कियां जंक्शन पर जाकर कानपुर की तरफ जा रही मगध एक्सप्रेस में बैठी थीं। फौरन जीआरपी थाने को बताया गया। वहां से दिल्ली रूट के दूसरे जीआरपी थानों को खबर दी गई। इटावा जीआरपी थाना प्रभारी विजय सिंह को लड़कियों की तस्वीर भी व्हाट्स एप के जरिए भेजी गई। दोपहर करीब तीन बजकर 10 मिनट पर मगध एक्सप्रेस इटावा स्टेशन पहुंची तो जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने महिला कोच से तीनों लड़कियों को उतार लिया। लड़कियों ने कहा कि बालिका गृह में हो रहे उत्पीड़न से तंग आकर उन्होंने भागने का फैसला किया। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि लापरवाही में बालिका गृह प्रभारी समेत तीन कर्मचारियों के निलंबन की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
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राजकीय बाल गृह (बालिका) से भागने के लिए तीनों लड़कियों ने गजब का दुस्साहस दिखाया। रात के अंधेरे में वे साड़ी के सहारे पहले तल से नीचे उतरीं। इस दौरान ऊंचाई से गिरने पर उनकी जान को खतरा था मगर वे भागने में सफल रही। प्राथमिक जांच में प्रभारी से लेकर कर्मचारियों तक की लापरवाही उजागर होने पर शासन से निलंबन की संस्तुति की गई है। बालिका गृह में उत्पीड़न के आरोप की भी जांच की जाएगी। प्रकरण की जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है।

जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज मिश्रा को सुबह सात बजे लड़कियों के भागने की जानकारी मिली तो वे खुल्दाबाद थाने के सामने राजकीय बाल गृह (बालिका) पहुंच गए। छानबीन में मालूम हुआ कि तीनों लड़कियां पहले तल स्थित किचन का दरवाजा खोलकर बाहर निकलीं। फिर साड़ी बांधकर नीचे उतर गई थीं। बिना किसी अभ्यास के यूं साड़ी बांधकर उतरने पर गिरने और गंभीर चोट का खतरा था लेकिन भागने पर आमादा लड़कियों ने जोखिम मोल लिया। जांच में पता चला कि रात में केयरटेकर जगदीश सिंह ड्यूटी पर नहीं आया था। गेट के पास तैनात दोनों होमगार्ड सोते रहे गए।

इसके अलावा लड़कियों की निगरानी में तैनात महिला चपरासी पुष्पा देवी को भी भनक नहीं लगी। इनके साथ ही बालिका गृह प्रभारी अनीता सिंह को भी लापरवाह मानते हुए निलंबन की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। साथ ही डीएम ने इस प्रकरण की जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दी है। इटावा में रेलवे पुलिस की अभिरक्षा में तीनों लड़कियों ने बालिका गृह में रसोइए पर काम कराने और इनका करने पर खाना नहीं देने तथा परिजनों से बात नहीं कराने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि प्रभारी से शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं होती। जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि  उत्पीड़न की सच्चाई मजिस्ट्रेटी जांच में सामने आएगी।
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