फूलपुर-वारी मार्ग पर सेमरी गांव में बृहस्पतिवार सुबह बेटी को गोद में लेकर सड़क पार कर रही गर्भवती महिला को गिट्टी लदे डंपर ने टक्कर मार दी। बेटी समेत महिला की मौत से भड़के लोगों ने ड्राइवर को पीटा और डंपर में जमकर तोड़फोड़ कर दी। फिर ड्राइवर को पुलिस के हवाले कर लोगों ने महिला के परिवार को मुआवजे की मांग करते हुए चक्काजाम कर दिया। चार घंटे बाद पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने आश्वासन देकर लोगों को मनाया।
सेमरी गांव निवासी बनारसी लाल साहू ने बेटी रेनू (28) का ब्याह पांच साल पहले भदोही में गोपीगंज के कुसौला गांव निवासी अनिल के साथ किया था। रेनू ने बेटी रनिया को जन्म दिया जो अब तीन साल की थी। उसका पति अनिल कोलकाता में नौकरी करता है। अनिल ने रेनू के गर्भवती होने की वजह से उसे करीब 15 दिन पहले बेटी समेत सेमरी गांव में मायके पहुंचा दिया। कुछ ही दिन में डिलेवरी होनी थी। रेनू के पिता बनारसी लाल ने घर के सामने सड़क की दूसरी पटरी पर चूड़ा तैयार करने की मशीन लगा रखी है। बृहस्पतिवार सुबह रेनू पिता के चूड़ा कारखाना जाने के लिए बेटी रनिया को गोद में लेकर सड़क पार कर रही थी तभी बैक होने के बाद मुड़ रहे टैंकर ने उसे सामने से जोरदार टक्कर मार दी। यह टैंकर सड़क चौड़ीकरण के लिए गिट्टी लादकर आया था। मायके वाले तथा आसपास के लोग भागकर वहां पहुंचे। सड़क पर खून से लथपथ पड़ी रेनू और बेटी रनिया को उठाया गया लेकिन टैंकर से सिर पर गहरी चोट की वजह से उन दोनों की सांस थम चुकी थी।
आक्रोशित ग्रामीणों ने चालक को टैंकर से खीचकर जमकर पीटा। टैंकर में भी खूब तोड़फोड़ कर दी। इसी बीच सरायममरेज थाने की पुलिस पहुंची तो ड्राइवर को कब्जे में लिया। लोगों ने शव उठाने से पुलिस को रोका और चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने मांग रखी कि पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। एसडीएम हंडिया कुलदेव सिंह तथा सीओ बृजनारायण सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और परिजनों से बात की। सरकारी सहायता देने का भरोसा देते हुए बड़े मनाने और समझाने पर ग्रामीण करीब चार घंटे बाद दोपहर 12 बजे शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने रेनू और उसकी बेटी का शव सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
अनहोनी का शिकार रेनू कुछ ही दिन में बच्चे को जन्म देने वाली थी। ससुराल और मायके वालों को बच्चे की किलकारी गूंजने का इंतजार था। घर में खुशियां आने वाली थीं मगर बृहस्पतिवार सुबह की घटना ने दोनों परिवार को गम में डुबो दिया। मायके और ससुराल में कोहराम मच गया। रेनू के माता-पिता तथा बहन-भाई रोने-कलपने लगे। दुर्घटना में पत्नी-बेटी की मौत की जानकारी मिली तो भदोही से रेनू का पति अनिल साहू भी आकर रोने-बिलखने लगा।