राम जन्मभूमि पर आतंकी हमला मामले में बृहस्पतिवार को संभावित निर्णय टाल दिया गया। कोर्ट ने फैसला सुनाए जाने के लिए 30 नवंबर की तिथि नियत की थी मगर अपरिहार्य कारणों से इसे टालना पड़ा। इसके साथ ही मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे प्रेमनाथ ने तीन और गवाहों को साक्ष्य के लिए तलब किया है। प्रकरण की सुनवाई अब पांच दिसंबर को होगी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि कोर्ट ने बृहस्पतिवार को प्रकरण में फैसला सुनाए जाने की तिथि नियत की थी। कोर्ट ने फैसला टालते हुए तीन अहम गवाहों को साक्ष्य के लिए तलब किया है। तलब किए गए गवाहों में प्रथम विवेचक पूर्व एसओ थाना राम जन्मभूमि दुलारे लाल अरुण, जिन्होंने आतंकियों के पास से मोबाइल बरामद किया था और फर्द लेखक अजय तिवारी हैं। हालांकि इनका बयान पूर्व में दर्ज हो चुका है। एक अन्य गवाह ईश्वर दास जो जीडी लेखक हैं उनको भी गवाही के लिए बुलाया गया है।
फैजाबाद जिले के अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में पांच जुलाई 2005 को पांच आतंकवादियों ने हमला किया था। परिसर में मौजूद सुरक्षा बलों ने आतंकियों के मंसूबे सफल नहीं होने दिया और सभी आतंकियों को मार गिराया था। विवेचना के दौरान एक मृत आतंकी के पास से बरामद मोबाइल, हैंडसेट की कॉल डीटेल के आधार पर घटना की साजिश रचने में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ आरोप पत्र जिला न्यायालय फैजाबाद भेजा गया था। जहां अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किया गया था। हाईकोर्ट के आदेश से प्रकरण सुनवाई के लिए इलाहाबाद की कोर्ट में भेजा गया। सुरक्षा कारणों से प्रकरण की सुनवाई नैनी जेल परिसर में हो रही है। मामले के आरोपी आशिक इकबाल उर्फ फारुख, मो.नसीम, मो.अजीज, शकील अहमद और डॉ. इरफान हैं, जो नैनी जेल में बंद है।