सत्ती चौरा मुहल्ले में बुधवार शाम दो गुटों के बीच हुए झगड़े के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए दूसरे रोज भी रात तक पुलिस बल मुस्तैद रहा। इलाके में पुलिस और पीएसी की टुकड़ियां गश्त करती रहीं। इस घटना में डकैती और जान से मारने के लिए फायरिंग का आरोप लगाते हुए अतरसुइया थाने में केस दर्ज कराया गया है। गिरफ्तार युवक के परिवार और मुहल्ले की महिलाओं ने बृहस्पतिवार दोपहर शहर कोतवाली के बाहर पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। दो गुटों में दुबारा टकराव की नौबत नहीं आए इसलिए शाम को पुलिस अधिकारियों ने फोर्स के साथ पूरे इलाके में पैदल मार्च किया।
मंगलवार को रंग लगाने को लेकर हुए झगड़े के बाद बुधवार शाम फिर सत्ती चौराहा और मीनापुर के विरोधी गुट के लड़कों में टकराव हो गया। सत्ती चौराहा निवासी मेडिकल कंपनी के एमआर अंकित केसरवानी का आरोप है कि वह इंटरमीडिएट के छात्र कमलेश पांडेय के साथ खड़ा था तभी अचानक मीनापुर की ओर से आए 15 से ज्यादा लोगों ने उन दोनों पर हमला कर दिया। बेल्ट, राड, डंडे, तमंचे की मुठिया से पीटा और फायर भी किया। अंकित के अनुसार हमलावरों ने उससे पांच हजार रुपये भी लूट लिए। भारी हंगामा मच गया।
घायल अंकित और कमलेश का इलाज कराकर पुलिस ने युसूफ, वाहिद, मामू, अन्नू और मोनू के खिलाफ डकैती समेत दूसरी धाराओं में केस लिखा। युसूफ को गिरफ्तार कर लिया गया। इंस्पेक्टर अतरसुइया कौशल यादव ने बताया कि बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
घटना के बाद आधी रात के बाद भी इलाके में कई थानों की पुलिस फोर्स गश्त करती रही। बृहस्पतिवार को भी पुलिस बल की मुस्तैदी रही। अफसरों ने फोर्स के साथ सत्ती चौरा, मीनापुर और आसपास के मुहल्लों में रूट मार्च किया। इस घटना में गिरफ्तार युसूफ के परिवार, रिश्ते और पड़ोस की महिलाओं ने दोपहर में एसपी सिटी और शहर कोतवाली के सामने हंगामा किया। वहां जाम लग गया। परिवार की महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए डकैती की धारा लगाकर युसूफ को जेल भेज दिया मगर उनकी नहीं सुनी जा रही है। झगड़े को डकैती बताया जा रहा है। काफी देर तक गुस्सा जताने के बाद महिलाएं चली गईं।