अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव के हत्यारे वारदात को अंजाम देने के बाद जिला कचहरी के सामने से ही होकर भागे। जांच पड़ताल में जुटी पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने से यह जानकारी मिली। फिलहाल उनका कुछ सुराग हासिल नहीं हो सका है। उनकी तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
रामबाग निवासी अधिवक्ता राजेश की हत्या बृहस्पतिवार को उस वक्त की गई थी जब वह बाइक से कचहरी जा रहे थे। कर्नलगंज में मनमोहन पार्क के पास स्थित बाइक एजेंसी के सामने दो बदमाश उनकी गोली मारकर हत्या करने के बाद भाग निकले थे। मामले में मृतक के भाई बृजेश की तहरीर पर होटल मालिक प्रदीप जायसवाल और नगर निगम कर्मचारी कमल को नामजद किया गया था। साथ ही दो अज्ञात बदमाशों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। घटना के बाद से ही पुलिस अधिवक्ता पर गोली चलाने वाले दोनों बदमाशों की तलाश में जुटी है। घटनास्थल के पास स्थित दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में बदमाशों की तस्वीर कैद हुई है। लेकिन फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो सकी है। जांच में जुटी पुलिस ने शुक्रवार को मनमोहन पार्क चौराहों से चारों ओर जाने वाले रास्तों पर स्थित प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
इस दौरान पता चला कि अधिवक्ता को गोली मारने के बाद दोनों बदमाश र्बाइं ओर आनंद अस्पताल चौराहे की ओर जाने वाले रास्ते से गए। चौराहे पर पहुंचने के बाद उन्होंने भागने के लिए कचहरी जाने वाले रास्ते को चुना। खास बात यह कि जानते हुए भी कि सुबह 10 बजे के करीब कचहरी के आसपास हजारों वकील जमा होते हैं, बदमाश इसी रास्ते से भाग निकले। इस बात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने छप्पन भोग रेस्टोरेंट के आगे स्थित कपड़ों के शोरूम के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। इसमें दोनों बदमाश कचहरी की ओर बाइक से जाते दिख रहे हैं।
अधिवक्ता के हत्यारों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। इनमें से एक टीम क्राइम ब्रांच की है। क्राइम ब्रांच ने कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर भी लगवाया है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस घरवालों की ओर से लगाए गए आरोपों सहित कई बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी है।