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मेडिकल कॉलेज प्रशासन के जवाब से संतुष्ट नहीं जांच टीम

Sun, 02 Sep 2018 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ सोमवार को हुई रैगिंग के मामले की जांच करने शासन की तीन सदस्यीय टीम शनिवार को कॉलेज पहुंची। सदस्यों ने प्रिंसिपल कार्यालय में कार्यवाहक प्राचार्य, वार्डेन, एंटी रैगिंग सेल के सदस्यों से पूछताछ की, लेकिन उनके जवाब से टीम संतुष्ट नहीं दिखी। करीब सात घंटे की जांच में सदस्यों ने छात्रों और कार्रवाई संबंधी प्रपत्र एकत्र किए। लेक्चर हॉल में छात्रों से मुलाकात कर रैगिंग की घटना के बारे जानकारी ली। लेकिन, खौफ इस कदर था कि जूनियर जबान खोलने से बचते रहे। हालांकि जांच टीम के सदस्यों ने छात्रों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और उन्हें अपने-अपने मोबाइल नंबर भी दिए। सदस्य जांच रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
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अमर उजाला ने मेडिकल कॉलेज में रैगिंग प्रकरण उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया। विधान परिषद में भी हंगामा हुआ। इसके बाद शासन ने शुक्रवार को तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी में अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एनसी प्रजापति, प्रिंसिपल कानपुर मेडिकल कॉलेज डॉ. नवनीत कुमार और एडीएम सिटी इलाहाबाद अशोक कुमार को नामित किया गया। शनिवार सुबह करीब 10.30 बजे तीनों सदस्य मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सदस्यों ने कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. वत्सला मिश्रा, सहायक वार्डेन डॉ. संतोष सिंह, डॉ. आफताब आलम, डॉ. बादल सिंह, डॉ. संतोष कुमार के साथ एंटी रैगिंग सेल, कमांडो सेल, फैकेल्टी सदस्यों के साथ बैठक कर रैगिंग प्रकरण की जानकारी ली। कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग पर अंकुश के लिए क्या कदम उठाए, किन लोगों की कमेटियों में तैनाती की गई, हॉस्टलों में सुरक्षा के बारे में जानकारी ली गई। टीम सदस्यों ने सोमवार को हुई घटना के बाद क्या कार्रवाई की, आरोपियों की पहचान की गई या नहीं जैसे तमाम सवाल उठाए। इस संबंध में जारी पत्रों और पत्रावलियों की छायाप्रति साक्ष्य के तौर पर ली। शुक्रवार को छात्रों से लिखवाए गए पत्रों की भी छानबीन की।

शाम करीब 3.25 बजे सदस्यों ने लेक्चर हॉल में एकत्र एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं से एकांत में मुलाकात की। इस दौरान कॉलेज की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े अफसरों को बाहर कर दिया गया। 20 मिनट की अलग-अलग बातचीत के दौरान छात्रों के चेहरे पर खौफ साफ दिखा। पहचान खुलने के डर से सिर्फ ‘यस सर, यस सर’ की ही आवाज सुनी गई। छात्रों ने अपनी समस्याओं पर ज्यादा मुखर रहे। सदस्यों ने सभी को अपने व्यक्तिगत मोबाइल नंबर दिए और बेझिझक शिकायत करने की बात कही। बाद में टीम सदस्यों ने कार्यवाहक प्राचार्य समेत अन्य लोगों को छात्र-छात्राओं के सामने बुलाकर समस्याओं के त्वरित निस्तारण कराने को कहा। यहां से फिर प्राचार्य कार्यालय पहुंचे टीम सदस्यों ने जांच रिपोर्ट का खुलासा करने से इनकार कर दिया।
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पत्रकारों से बातचीत में अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एनसी प्रजापति, एडीएम सिटी अशोक कुमार ने कहा कि सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच की गई है। कॉलेज प्रशासन के एक्शन पर नजर है। छात्रों ने जो कुछ बताया है, उसकी रिपोर्ट आज ही शासन को भेज दी जाएगी। शाम करीब छह बजे टीम सदस्य कॉलेज परिसर से रवाना हो गए।
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