सेंट जोसेफ स्कूल में सुबह प्रार्थना के दौरान 12 वीं के छात्र सेवरेन टेरेंट जुड़रालिव (16 ) की पिटाई कर आंख फोड़ने वाले वाले बेरहम वाइस प्रिंसिपल फादर लेसली कोटिनो फरार हो गए । शनिवार को उनका पक्ष जानने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रयास किए लेकिन वह न तो कालेज में थे और न ही उनका फोन उठा। सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी फरार है, गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी हैं। यहां तक कि कालेज के प्रिंसिपल का फोन भी नहीं उठा। प्रिंसिपल के बारे में बताया गया कि वह मैंगलुरू गए हुए हैं लेकिन उनके फोन न उठने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कालेज प्रबंधन की ओर से इस घटना की जांच बैठाकर लीपापोती की कोशिश की जा रही है।
शनिवार सुबह कालेज में पेरेंट्स मीटिंग थी। वहां सोरेन भी बेटे को लेकर पहुंचीं, उनके बेटे की खराब आंख देखकर मौजूद अभिभावकों का आक्रोश भड़क गया। उसी समय कई अभिभावकों ने भी अपने बच्चों की पिटाई का जिक्र किया। सभी अभिभावक प्रिंसिपल से मिलने कार्यालय गए तो, ताला लटका हुआ था। वाइस प्रिंसिपल कार्यालय भी बंद मिला। अभिभावकों का आक्रोश देखकर वहां के कर्मचारियों ने प्रबंध समिति के पदाधिकारियों को बुला लिया। करीब एक घ्ंाटे बाद कालेज प्रबंधन की ओर से फादर ईसी डोर तथा अन्य पदाधिकारियों ने अभिभावकों से बात की लेकिन उनके तर्कों से अभिभावक संतुष्ट नहीं थे। ज्यादातर अभिभावकों का कहना था कि दोषी वाइस प्रिंसिपल को बर्खास्त किया जाए। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि एफआईआर के आधार पर आरोपी को जेल भेजे।
कालेज प्रबंधन की ओर से इस प्रकरण की जांच के लिए कमेटी बनाई है। यह कमेटी छात्र की पिटाई की जांच करेगी, जिसमें कालेज के प्रिंसिपल, प्रबंध समिति के सदस्य फादर ईसीडोर, नाजरेत अस्पताल के निदेशक को शामिल किया गया है। प्रिंसिपल के मई के अंत तक मैंगलुरू में रहने के कारण इस जांच की गंभीरता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्र की आंख की रोशन चले जाने पर वाइस प्रिंसिपल के खिल्राफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। इसके बावजूद प्रबंधतंत्र जांच के लिए कालेज प्रिंसिपल के मई के अंत तक आने का इंतजार करेगा। इसीलिए जांच के नाम पर लीपापोती के आरोप लगाए गए हैं।
नौ मई को सुबह 6.55 बजे प्रार्थना के दौरान कंधे से बैग उतारने में देरी होने पर वाइस प्रिंसिपल ने बांस की संटी से जुड़राविल को पीटने में मानवता की हद पार दी। जिसके कारण उनकी एक आंख से खून आने लगा और रोशनी चली गई। आंख से खून बहता देखकर कालेज के कर्मचारी और अन्य छात्र इलाज के लिए उन्हें नवरेज अस्पताल ले गए। यहां के डाक्टरों ने बच्चे का प्राथमिक उपचार किया और हालत गंभीर होने के कारण विस्तृत इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया। सिविल लाइंस स्थित एंग्लो इंडियन कालोनी में रहने वाली छात्र की मां सोरेन लारिवरीया बिशप जानसन स्कूल की शिक्षिका हैं। उन्होंने बेटे जुडराविल का लखनऊ में नौ से लेकर 12 मई तक उपचार कराया। वहां से वह शुक्रवार की शाम इलाहाबाद लौट आई। उन्होंने थाना सिविल लाइंस में देर शाम वाइस प्रिंसिपल फादर लेसली कोटिनो के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
कालेज में ठीक से सुनवाई न होने पर छात्र और उनकी मां सोरेन लारिवरीया थाना सिविल लाइंस पहुंची। उन्होंने कहा कि वह जानसन स्कूल में शिक्षक हैं और पति सिड़नी में बिजनेस करते हैं। यहां पर स्कूल में पढ़ाने के साथ-साथ बच्चे का इलाज और इस मुकदमे की पैरवी दोनों ही काम करने पड़ रहे हैं। थाने में कोई अधिकारी नहीं मिला, बिशप, डीएम और एसएसपी से भी मिलने के प्रयास किए लेकिन वह भी नहीं मिले।
जिलाधिकारी संजय कुमार ने पिटाई से छात्र की आंख खराब होने के पूरे प्रकरण की जांच के आदेश कर दिए हैं। उन्होंने एडीएम सिटी की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई है, जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक कोमल यादव, एडिशनल एसडीएम रिंकी जायसवाल को सदस्य बनाया है। इस कमेटी से तीन दिन में तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
सीओ सिविल लाइंस ने बताया कि आरोपी वाइस प्रिंसिपल को गिरफ्तार करने के लिए कालेज गए तो वह नहीं मिले। दोपहर और शाम गिरफ्तारी को आवास पर भी दबिश दी गई लेकिन वहां भी नहीं मिले। डाक्टरी रिपोर्ट के आधार पर मामला गंभीर है। डाक्टरी रिपोर्ट के आधार पर कुछ और धाराओं को एफआईआर में शामिल किया जाएगा। क्योंकि शिक्षण संस्थान में इस तरह छात्र को पीटना मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है।
पिटाई से 16 वर्षीय छात्र की आंख की रोशनी गायब होने की शिकायत मानवाधिकार और बाल आयोग में भी हो गई है। अभिभावक एकता समिति के प्रदेशाध्यक्ष विजय गुप्ता ने बताया कि एफआईआर की फोटो कांपी के साथ इस पूरे प्रकरण को मानवाधिकार और बाल दोनों आयोग में कार्रवाई के लिए भेज दिया है। उन्होंने मांग की है कि निर्दयता से मारपीट कर छात्र की आंख की रोशनी गायब करने वाले वाइस प्रिंसिपल को पुलिस प्रशासन गिरफ्तारी करे।
वाइस प्रिंसिपल रोजाना अनुशासन के नाम पर सुबह से लेकर कालेज बंद होने तक 30 से लेकर 40 छात्रों की पिटाई करते रहे हैं। कभी प्रार्थना में लाइन सही तरीके से न लगाने तो कभी प्रार्थना के दौरान कंधे से बैग उतारने में जल्दी न करने। जूतों पर पालिश तो कभी शर्ट का कालर दबा होने पर पिटाई करना आम बात है। यहां तक कि छात्रों को टायलेट जाने पर भी रोक लगाते हैं। यह शिकायतें दबी जुबान से कालेज के अन्य शिक्षक और कर्मचारियों की भी हैं। दो साल पहले ही उन्होंने वाइस प्रिंसिपल का कार्यभार संभाला है, तभी से उनका छात्रों के प्रति क्रूर व्यवहार रहा है।
कालेज प्रबंधन की ओर से फादर ईसी डोर ने कहा कि घटना दुखद है। इसकी जांच होगी और छात्र के इलाज का पूरा खर्च कालेज प्रशासन करेगा। घटना के बाद प्रिंसिपल छात्र को देखने गए थे। लेकिन छात्र की मां का कहना है कि दो मिनट को आए तो थे लेकिन उन्होंने उन्होंने न तो छात्र से बात की और न ही पीड़ित परिवार के किसी सदस्य से।
भाजपा नगर अध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शिक्षा मंत्री एवं डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को छात्र की आंख खराब करने वाले वाइस प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की है। पुलिस प्रशासन से भी कहा है कि दोषी की तुरंत गिरफ्तारी कराई जाए।
‘आरोपी फरार है, एफआईआर दर्ज हो गई है, दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ शलभ माथुर, एसएसपी