जीटी रोड पर हबूसा मोड़ के निकट शुक्रवार शाम रोडवेज बस की टक्कर से टेंपो के परखचे उड़ गए। टेंपो ड्राइवर की मौत हो गई जबकि दो महिलाओं समेत आठ लोग घायल हो गए। उनमें तीन लोगों की हालत गंभीर थी लेकिन एंबुलेंस आने में लगभग एक घंटा लग गया। गुस्साए लोगों ने बस चालक को दबोचकर पीटने के बाद तोड़फोड़ कर दी और आगजनी का भी प्रयास किया। सरायइनायत पुलिस ने भी आने में देरी तो लोगों का गुस्सा बढ़ गया। हादसे के घायलों को दूसरी गाड़ियों से स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और शहर में स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल भेजा गया।
शहर से सवारियों को बैठाकर हनुमानगंज जा रहा टेंपो शाम करीब पौने पांच बजे जीट रोड पर हबूसा मोड़ के आगे दुलापुर के सामने पहुंचा तभी सामने से एक गाड़ी को ओवरटेक कर अचानक रोडवेज बस ने टक्कर मार दी। काशी डिपो की इस बस की टक्कर से टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर पलट गया। कुच दूर पर बस रुकी तो आसपास के लोगों ने घेरकर चालक को पकड़कर पीटा और बंधक बना लिया। पलटे टेंपो में कई लोग खून से लथपथ फंसे थे। उनमें ड्राइवर समेत तीन लोगों की हालत बेहद गंभीर थी। सूचना देने के पौन घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची तो लोगों ने दूसरी गाड़ियों से घायलों को स्वास्थ्य केंद्र भेजा।
वहां ड्राइवर मयंक मोदनवाल (22) निवासी कुआंडीह गांव सरायइनात की मृत बताया गया। एक महिला और युवक को शहर में सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाकी घायलों पवन कुमार, बजरंग बहादुर, जगदीश, नन्हे, पप्पू यादव और एक अन्य महिला का स्वास्थ्य केंद्र में इलाज हुआ। गुस्साए लोगों ने बस को नुकसान पहुंचाया। आग भी लगाने की कोशिश की, हालांकि तब तक सरायइनायत थाने की पुलिस ने आकर लोगों को काबू में कर लिया। मृतक मयंक के बारे में पता चला कि वह अपनी टेंपो खरीदकर खुद चला रहा था।