मंगलवार देर शाम पुलिस हिरासत से फिल्मी स्टाइल में फरार हुए शूटर छोटू ओझा को पुलिस ने देवघाट गांव में कुछ ही दूरी पर मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। बदमाशों और पुलिस के बीच करीब दस मिनट तक मुठभेड़ हुई। उस दौरान छोटू के साथियों की ओर से चली गोली पुलिस जीप के बोनट और शीशे में लगी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें छोटू जख्मी हो गया। गोली उसके पैर में गोली है। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छोटू के दोनों साथियों को पुलिस ने काफी तलाशा लेकिन वह अंधेरा का फायदा उठाकर भाग गए। छोटू के गैंग ने नोएडा, कानपुर, लखनऊ में भी कई वारदातें की हैं। जिसमें हत्या और लूट भी शामिल है।
क्राइम ब्रांच और पुलिस ने शूटर छोटू ओझा को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ शुरू की। पूछताछ में उसने धूमनगंज इलाके में लूट सहित कई घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया था। उसी की सूचना पर बाकी साथियों को दबोचने के लिए मंगलवार देर शाम धूमनगंज एसओ उसे लेकर देवघाट जा रहे थे। झलवा और ट्रिपिलआईटी पास अंधेरे में बिना लाइट की काले रंग की पल्सर आकर खड़ी हुई। जिसके कारण पुलिस की जीप रुक गई। उसी समय हथकड़ी सहित छोटू ओझा जीप से कूदकर पल्सर पर बैठा और साथी संग भाग निकला। अचानक हुए इस वाकये से पुलिस सन्न रह गई। इसके बाद बाइक का पीछा किया जाने लगा। इसी दौरान बाइक सवार की ओर से फायरिंग हुई। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। बदमाशों की गोली पुलिस जीप के बोनट और शीशे पर लगी। जवाब में पुलिस की गोली बाइक पर पीछे बैठे छोटू के पैर में लगी तो वह गिर गया। उसके दोनों साथी भाग गए। घटनास्थल से पुलिस ने छोटू को दबोच लिया।
एसओ अरुण त्यागी ने बताया कि छोटू नोएडा मुठभेड़ में मारे गए शूटर अजय सिंह और आशुतोष का साथी है। दोनों बलिया के रहने वाले थे। उन दोनों की मौत के बाद उनके अपराध दफन हो गए थे। छोटू के गिरफ्तार होने के बाद हत्या और लूट की कई घटनाओं का खुलासा हुआ है। छोटू ने स्वीकार किया है कि अजय और आशुतोष के साथ कानपुर में उसने व्यापारी की हत्या की थी। फतेहपुर में ढाई लाख रुपये लूटे थे। दो महीने पहले धूमनगंज इलाके के राजघराना दुकान से दो दर्जन जींस की पैंट और शर्ट रंगादारी में ली थी। लखनऊ के निगुव्हा इलाके में एक कारोबारी की भी हत्या गैंग ने की थी। इलाहाबाद के धूमनगंज, सिविल लाइंस सहित चार थाना क्षेत्रों में लूट की घटनाएं की हैं।
पुलिस अधिकारियों को छोटू के लिए काम करने वाले पुलिस कर्मी की तलाश है। पुलिस कब छोटू को लेकर देवघाट जाएगी, यह जानकारी बदमाशों तक दी गई। उसी के आधार पर बदमाश थाना धूमनगंज से पुलिस के पीछे लग गए। झलवा और ट्रिपलआईटी के बीच अंधेरे में पल्सर सवार बदमाशों ने छोटू को पुलिस से छुड़ाने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पुलिस की यह सटीक जानकारी किसी पुलिसकर्मी ने बदमाशों तक दी होगी। उसी के आधार पर उन्होंने छोटू को छुड़ाने की कोशिश की है। इस घटना की एसएसपी ने उच्चस्तरीय गोपनीय जांच बैठा दी है।