नए यमुना ब्रिज पर बृहस्पतिवार की सुबह एक सिपाही ने नदी में छलांग लगा दी। बाइक के साथ सुसाइड नोट व मोबाइल मिलने से हड़कंप मच गया। कैंट व नैनी कोतवाली पुलिस के साथ घटना स्थल पहुंचे सीओ ने मामले की जांच पड़ताल की। दोपहर तक पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से यमुना नदी में कूदे सिपाही की तलाश करते रहे पर कहीं सुराग नहीं लगा। सिपाही के आत्मघाती कदम उठाए जाने के बाद से परिजनों का हाल बेहाल है। बांदा जिले के पानीवाल स्टेशन रोड कोतवाली नगर निवासी मोहम्मद फैजान खां (25) पुत्र मसूद हुसैन खां वर्ष 2015 में पुलिस में भर्ती हुआ था। इन दिनों फैजान हाईकोर्ट की सुरक्षा में तैनात था। वह हाईकोर्ट पुलिस चौकी की बैरक में ही रहता था। बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे यमुना ब्रिज पर बाइक के साथ उसका मोबाइल व सुसाइड नोट मिला। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हो रही है कि वह नदी में कूदा है, क्योंकि उसे किसी ने कूदते नहीं देखा। सिपाही के आत्मघाती कदम उठाए जाने की भनक लगते ही कैंट व नैनी कोतवाली पुलिस के साथ सीओ करछना रत्नेश सिंह मौके पर पहुंचे। जांच पड़ताल करते हुए स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में सिपाही खोजबीन शुरू कराई। हालांकि खबर लिखे जाने तक फैजान का कहीं अता-पता नहीं चल सका। सीओ ने बताया कि सुसाइड नोट के जरिए मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
मसूद हुसैन अहमद के दो बेटी व एक बेटा फैजान था। दोपहर जैसे ही बेटे के आत्मघाती कदम उठाए जाने की जानकारी परिजनों को हुई तो हड़कंप मच गया। रोते-बिलखते घर वाले बांदा से इलाहाबाद के लिए रवाना हुए। सिपाही मोहम्मद फैजान पुल पर आने के बाद अजीज दोस्त इमरान को मैसेज किया कि वह नए पुल से नदी में कूदने के लिए जा रहा है। थोड़ी देर बाद इमरान की नजर मैसेज पर पड़ी तो वह अवाक रह गया। साथी के आत्मघाती कदम उठाने की जानकारी होते ही वह भागकर नए पुल पर पहुंचा। लेकिन तब तक वह यमुना में छलांग लगा चुका था। फैजान में सुसाइड नोेट में लिखा है कि उसकी मौत की जिम्मेदार एक युवती है। युवती बांदा जिले की रहने वाली बताई जा रही है। फैजान का युवती से क्या रिश्ता है, इस बात का जिक्र फैजान ने सुसाइड नोट में नहीं किया है।
फैजान की बाइक के साथ मोबाइल व सुसाइड नोट तो पुलिस को मिला पर बाइक की चाभी नहीं मिली। जिसे लेकर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों के साथ महकमे के लोग भी तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। कहीं फैजान ने परिजनों व नाजिया को हलाकान करने के लिए कोई नाटक तो नहीं किया है।