कारोबार में लगातार हो रहे घाटे और दोस्तों के धोखे से परेशान शाहगंज के एक युवक ने घर में बुधवार दोपहर खुदकुशी कर ली। मोबाइल दुकान बंद होने के बाद वह बेरोजगार हो गया था। कुछ देर बाद पत्नी बुलाने गई तो दरवाजा अंदर से बंद था। युवक के फांसी लगाने की खबर से घर में कोहराम मच गया। घरवाले दरवाजा तोड़कर युवक को नीचे उतारा और अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
शाहगंज में दोंपीपुर का रहने वाला अल्ताफ आलम (45) चार भाइयों में बड़ा था। वह दोस्तों के साथ साझेदारी में कई कारोबार कर चुका था। उसे कहीं भी सफलता नहीं मिली। आखिरकार उसने मोबाइल की दुकान खोली। उसे लगातार घाटा होने लगा तो दुकान बंद करनी पड़ी। वहआर्थिक परेशानियों से घिरा था। इससे वह गुमसुम रहने लगा था। बुधवार दोपहर अल्ताफ घर से निकला और पान खाने के बाद घर लौटा। पत्नी सविस्ता नीचे काम में व्यस्त थी। वह पहली मंजिल पर स्थित कमरे में गया और दरवाजा बंद कर नायलान की रस्सी से फांसी लगा ली। कुछ देर बाद पत्नी ऊपर गई तो पति के कमरे का दरवाजा बंद देख उसे शक हुआ।
खिड़की देखा तो अंदर कमरे में पति को फांसी पर झूलते देख चीख पड़ी। घरवाले पहुंचे तो दरवाजा तोड़ा गया। रस्सी काटकर अल्ताफ को नीचे उतारकर अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर चौकी प्रभारी दायरा शाह अजमल अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। सुसाइड नोट में उसने बेरोजगारी और दोस्तों से मिले घाटे से परेशान होने की बात लिखी है। उसने लिखा है कि आर्थिक तंगी से परेशान होने के चलते ऐसा कदम उठा रहा है। अपने इस कदम के लिए खुद जिम्मेदार हूं। किसी को परेशान न किया जाए। एसआई अनिल कुमार ने बताया कि आर्थिक तंगी से और बेरोजगारी से परेशान होकर ऐसा कदम उठाया।