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पूर्व सांसद अतीक और अशरफ पर मुकदमा

Mon, 12 Jun 2017 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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atiq ahmed
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देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद की मुसीबत बढ़ती जा रही है। राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह अधिवक्ता उमेश पाल को अदालत परिसर में घेरकर गोली मारने की धमकी देने और अपहरण की कोशिश में अतीक अहमद, उनके भाई पूर्व विधायक अशरफ, चचेरे भाई हमजा उस्मान समेत 24 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा लिखा गया है। करीब डेढ़ साल पुरानी घटना में एसएसपी के आदेश पर कर्नलगंज थाने में केस लिखकर जांच शुरू कर दी गई है।
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जयंतीपुर धूमनगंज निवासी अधिवक्ता कृष्ण कुमार उर्फ उमेश पाल 25 जनवरी 2005 को हुए बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह हैं। घटना के साल भर बाद उन्होंने हत्याकांड के आरोपियों अतीक, अशरफ और उनके करीबियों के खिलाफ धूमनगंज थाने में केस दर्ज कराया था कि 28 फरवरी 2006 को उनका अपहरण कर बयान बदलने के लिए धमकाया गया था। वह मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। उसी मामले में पिछले साल 27 जनवरी को उमेश का बयान दर्ज होना था। उमेश का आरोप है कि वह सुबह 10.30 बजे कोर्ट परिसर के बरामदे में पहुंचे तो पता चला कि वकीलों की हड़ताल है।

वह कोर्ट में अपनी उपस्थिति का प्रार्थनापत्र देने के लिए खड़े थे तभी मुकदमे के आरोपी पूर्व सांसद अतीक अहमद अपने छोटे भाई अशरफ, चचेरे भाई हमजा उस्मान और तमाम करीबियों के साथ आ गए। उमेश के अनुसार, अतीक और उनके साथ आए लोगों ने घेरा और मारपीट करने लगे। जयप्रकाश पांडेय और राजू पंडित ने जमीन पर पटक दिया जबकि अशरफ और हमजा ने कनपटी पर पिस्टल सटा कर और गालियां देते हुए धमकी दी कि गवाही देने आए हो, गोली मारकर भेजा बाहर निकाल दिया जाएगा।
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फिर राजेश सिंह और कुद्दूस ने भी जान से मारने के लिए पिस्टल तान दी। अतीक के करीबी असलहों की बट से मारते हुए उन्हें हत्या की नीयत से उठाकर बाहर ले जा रहे थे तभी गेट पर पुलिस और पीएसी दल ने किसी तरह उनके चंगुल से छुड़ाया। पुलिस सुरक्षा में उन्हें घर पहुंचाया गया था। उमेश ने तभी कर्नलगंज थाने में घटना की लिखित शिकायत की थी लेकिन उनका आरोप है कि उस समय प्रदेश में सपा सरकार होने की वजह से अतीक के खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखी गई है।

जांच में मामला दबा दिया गया जबकि उनकी जान पर खतरा बना है। उमेश ने एसएसपी आनंद कुलकर्णी से मिलकर प्रार्थनापत्र दिया तो कर्नलगंज थाने में रविवार को अतीक  अहमद, अशरफ, हमजा समेत अन्य लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी, गालीगलौज, बलवा, अपहरण की कोशिश की नामजद एफआईआर लिखी गई। थाना प्रभारी कर्नलगंज अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि सुबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जाएगी।

उमेश की तहरीर पर लिखी एफआईआर में अतीक अहमद, अशरफ, हमजा उस्मान, रफीक उर्फ गुलफुल, बद्द, दिनेश पासी, जयप्रकाश पांडेय, राजेश कुमार सिंह, कुद्दूस, नीवां के सुधांशु त्रिपाठी उर्फ बली पंडित, कसारी मसारी के राजेश उर्फ राजू पंडित, हरवारा का मटरू और उसका पुत्र नियाज अहमद, हटवा पूरामुफ्ती का जैद मास्टर, मुस्तैसन, कसारी-मसारी का शूटर जुल्फिकार उर्फ तोता, गुलाम रसूल, बमरौली का आबिद, फरहान, आसिफ उर्फ दुर्रानी, गुलहसन, सराय अकिल का रंजीत सिंह, नसीरपर सिलना का जैद, लखनपुर का आलमदार को नामजद किया गया है जबकि 20-25 अज्ञात लोगों को घटना में शामिल बताया गया है।

अतीक अहमद पिछले साल दिसंबर में रीवा रोड नैनी स्थित शुआट्स में गुंडागर्दी के मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद गिरफ्तार किए गए थे। जनवरी से वह जेल में बंद हैं। उन्हें नैनी से देवरिया जिला कारागार स्थानांतरित कर दिया गया था। पिछले महीने भी उनके खिलाफ एक केस कर्नलगंज थाने में धमकी का दर्ज हुआ था। 
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