शहर के करेलाबाग मुहल्ले में घर के भीतर विवाहिता गीता देवी (27) की शनिवार रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सुबह पति ने करेली थाने में सूचना दी तो पुलिस पहुंची। महिला का शव फंदे से लटका था। पुलिस ने शव को चीरघर भेजा लेकिन रविवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका। खबर पाकर कौशाम्बी से आए मायके वालों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को पति ने मारकर लटकाया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर और पीएम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
कौशाम्बी में करारी के भेला मकदूमपुर गांव निवासी राम सिंह ने तीन बेटियों में बड़ी गीता का ब्याह चार साल पहले करेलाबाग में रहने वाले रवि मौर्या से किया था। रवि के पिता का देहांत हो चुका है। मकान के दूसरे हिस्से में उसकी मां छोटे बेटे राहुल के साथ रहती है। रवि ने घर में ही चाय-नाश्ते और मिठाई की दुकान खोल रखी है। उसके दो बच्चे हुए- बेटी रागिनी और पुत्र आयुष। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद रवि पत्नी गीता को यातना देने लगा। दहेज के लिए भी प्रताड़ित करता रहा। वह अक्सर फोन पर रोती और दुखड़ा सुनाती थी। शनिवार दोपहर भी गीता ने मां से फोन पर बात की तो पति के जुल्म के बारे में बताया था। मगर तब किसी ने मायके में सोचा नहीं था कि गीता के लिए यह आखिरी रात होने जा रही है। रविवार सुबह रवि ने घर के बाहर आकर शोर मचाया कि उसकी पत्नी ने फांसी लगा ली है।
रवि ने ही करेली थाने में सूचना दी तो इंस्पेक्टर जीतेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। गीता का शव कमरे के बगल सीढ़ी में निकले एंगल में दुपट्टे के फंदे से लटका था। इसी बीच खबर पाकर गीता के मायके वाले भी आ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को मारकर फंदे से लटकाया गया है। दोनों बच्चों को भी हटा दिया गया। इंस्पेक्टर ने अमर उजाला को बताया कि रात तक मायके वालों ने केस लिखाने के लिए तहरीर नहीं दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पति रवि ने पुलिस को बताया था कि रात में गीता बेड पर बेटी संग सोई थी जबकि वह चारपायी पर था। कब उसने उठकर फांसी लगा ली, उसे भी नहीं पता चला।