शनिवार को जिला न्यायालय में राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल को धमकाने के मामले में वादी का बयान दर्ज किया गया। इस दौरान न्यायालय परिसर में भारी गहमा-गहमी रही। पुलिस भी सतर्क थी लिहाजा सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। गवाही के दौरान दोनों पक्षों के समर्थक अदालत में मौजूद थे। मामले की सुनवाई एडीजे एके शुक्ला ने की है।
कड़ी सुरक्षा में गवाह दिलीप पाल को पेश कर बयान दर्ज कराया गया है। जहां एक ओर अतीक अहमद, अशरफ आदि सभी आरोपी उपस्थित रहे वहीं मरहूम राजूपाल की पत्नी विधायक पूजा पाल पूरे समय तक डटी रही है और दोनों पक्षो के समर्थक परिसर में जमे रहे।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश गुप्ता ने बताया है कि गवाह दिलीप पाल का बयान दर्ज कराया गया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राधेश्याम पांडेय, खान फरहत हनीफ ने अतीक अहमद और इसरार की ओर से जिरह की है। शेष जिरह 26 नवंबर 2016 को होगी। वादी के अधिवक्ता विक्रम सिन्हा ने बताया कि दिलीप पाल को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में गवाही के लिए पेश किया । सुरक्षा के लिए अर्जी दी गई थी।
जेल से पेशी पर कचहरी आए अतीक अहमद पर सात अगस्त 2002 को बम से हमला हुआ था। उस घटना के बाद मेडिकल चौराहे पर बलवा और सरकारी बस को क्षति पंहुचाने के बाबत अतीक अहमद सहित कई लोगों के खिलाफ जार्जटाऊन थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था । मुकदमा एसीजेएम डा0 एके सिंह की कोर्ट में गवाही में चल रहा है। शनिवार को अभियोजन ने गवाह सिपाही कृष्ण कटियार का बयान दर्ज कराया है।