शहर के सोहबतियाबाग में बुधवार शाम एक घर के अंदर से कारोबारी के दो साल के बेटे को चुराने की कोशिश की गई। संदिग्ध युवक ने अपने साथी के साथ पहले घर की रेकी की, उसके बाद बच्चे को उठाने के लिए घुसा। पड़ोसी के हल्ला मचाने पर युवक घबरा गया और बच्चे के हाथ से मोबाइल लेकर भाग निकला। हल्ला होने पर घर के लोग भी बाहर निकल आए और पड़ोसी के साथ गली में घूम रहे एक कबाड़ी को पकड़ लिया। उससे पूछताछ की, लेकिन मामले से अंजान कारोबारी ने कबाड़ी को छोड़ दिया। घर लौट कर जब सीसीटीवी फुटेज देखी तो सब सन्न रह गए। वह कबाड़ी ही उस बदमाश का साथी था। दोनों की करतूत मकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। सूचना पर जार्जटाउन पुलिस के दो सिपाही पहुंचे। फुटेज देखी और लौट गए। पुलिस के इस लापरवाह रवैये से लोगों में आक्रोश था।
कुलभाष्कर आश्रम डिग्री कॉलेज के रिटायर प्रिंसिपल डॉ. आरके श्रीवास्तव के बेटे श्रीकांत कारोबारी हैं। वह सोहबतियाबाग में परिवार सहित रहते हैं। तीन दिन पहले श्रीकांत की मां का निधन हो गया। बुधवार दोपहर श्रीकांत शांतिपाठ और हवन के बाद घर में ही थे। उनके छोटे भाई रविकांत और घर के अन्य लोग भी अंदर थे। श्रीकांत का दो साल का बेटा कान्हा बरामदे में मोबाइल लेकर खेल रहा था। शाम को लगभग पौने चार बजे पड़ोसी मोनू ने हल्ला मचाकर सबको बाहर बुलाया।
श्रीकांत और रविकांत बाहर आए। बरामदे में कान्हा को सुरक्षित देख उन्होंने राहत की सांस ली। मुख्य गेट खुला था। तभी मोनू गली से एक कबाड़ी को पकड़कर ला रहा था। कबाड़ी श्रीकांत के पैर में पड़कर खुद को बेगुनाह बताने लगा। कारोबारी मामला समझ नहीं पाए और कबाड़ी को छोड़ दिया। बाद में मोनू ने बताया कि एक युवक उनके घर के पास काफी देर से मंडरा रहा था। वह अचानक अंदर घुसा और कान्हा को पकड़ने लगा। उसके शोर मचाने पर वह कान्हा के हाथ से मोबाइल लेकर भाग गया। मोनू ने कबाड़ी को उस बदमाश से सांठगांठ होने के शक में पकड़ा था।
कारोबारी ने घर में लगे चारों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तो सन्न रह गए। फुटेज में दिखा कि कैसे बदमाश और कबाड़ी काफी देर से उनके घर की रेकी कर रहे थे। फिर वह बदमाश गेट खोलकर बरामदे में आता है और कान्हा को दुलार करने लगता है। अंदर का माहौल लेने के बाद वह कान्हा को उठाने की कोशिश करता है। तभी पड़ोसी मोनू देखकर शोर मचा देता है। इस पर बदमाश कान्हा से मोबाइल लेकर भाग निकलता है।
सीसीटीवी कैमरे को देखने के बाद रविकांत ने मामले की सूचना कंट्रोल रूम को दी तो जार्जटाउन थाने के दो सिपाही पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद वे लौट गए। पुलिस की इस कार्यशैली पर रविकांत ने जार्जटाउन थाना प्रभारी वीके सिंह को कॉल की। रविकांत का आरोप है कि एसओ जार्जटाउन ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया और मौके पर जाकर पूछताछ करना भी जरूरी नहीं समझा।
0 मामले की रिपोर्ट दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों को पकड़ा जाएगा। - डीपी तिवारी, सीओ कर्नलगंज