कैमरे में कैद 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी एसओ होलागढ़ पूरनमासी राम गौरव को गिरफ्तार कर लिया गया है। गुरुवार को एसओ को एक व्यक्ति से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था। जिसे एसएसपी ने गंभीरता से लिया और सीओ सोरांव को जांच सौंप दी थी। जांच में सीओ डीपी शुक्ला ने वीडियो को सही मानते हुए शुक्रवार सुबह रिपोर्ट सौंप दी थी। इसी के बाद उन्हें पहले निलंबित किया गया, बाद में रिपोर्ट दर्ज कराकर गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले की विस्तृत जांच सीओ हंडिया को सौंपी गई है।
रिपोर्ट दर्ज होने के दौरान एसओ ने भागने की कोशिश की थी लेकिन सीओ के निर्देश पर वहां मौजूद सिपाहियों ने पीछा करके दबोच लिया। एसओ के ्रिश्वत लेने वाले वायरल हुए इस वीडियो को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसको लेकर शुक्रवार को पुलिस प्रशासन में पूरे दिन हड़कंप रहा। शहर के अन्य सरकारी कार्यालयों तथा संस्थानों में भी वीडियो वायरल होने वाली खबर की जबरदस्त चर्चा रही।
मौजा कटरा बनियान मुकुंदपुर के पीड़ित कैलाश चंद्र गुप्ता ने एसओ होलागढ़ से कई बार एसडीएम के आदेश का पालन कराने का अनुरोध किया था लेकिन वह टालते रहे। दो जुलाई यानी कि रविवार को वह अपने ससुर विश्वनाथ के साथ एसओ से मिला। उसी समय ससुर विश्वनाथ के माध्यम से एसओ को दो-दो हजार के पांच नोट दिए। इस पूरे घटनाक्रम को उसने कैमरे में कैद कर लिया। उस समय एसओ ने काम होने का आश्वासन दिया था लेकिन नहीं हुआ। आरोप है कि एसओ ने रिश्वत लेने के बावजूद दूसरी पार्टी को तीन-चार दिन का समय दिया और वह इस दौरान अदालत से एसडीएम के आदेश के खिलाफ स्टे ले आए। बाद में रिश्वत में लिए 10 हजार रुपये भी उन्होंने नहीं लौटाए। यह शिकायत एसएसपी के यहां की गई। जिसके साथ में एसओ के रिश्वत लेने वाला वीडियो भी सौंपा था।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने इस मामले की जांच सीओ सोरांव डीपी शुक्ला को सौंपी। उन्होंने देर रात में लखनऊ से लौटने के बाद वीडियो का परीक्षण किया। विशेषज्ञों से भी राय ली, जिसके आधार पर वीडियो में एसओ के रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। यह रिपोर्ट शुक्रवार की सुबह एसएसपी को सौंप दी गई। जिसके आधार पर एसएसपी ने एसओ होलागढ़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सीओ सोरांव ने बताया कि वीडियो में एसओ को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए साफ साफ दिखाया गया है। इसीलिए उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अभिनियम की धारा 7/13/(1) एवं (2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करा दिया गया। थाने पर मौजूद लोगों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी एसओ को हुई तो वह थाने से पैदल भागने लगे। यह जानकारी किसी ने सीओ को दी तो उन्होंने वहां मौजूद कुछ सिपाहियों को दौड़ाकर उनको पकड़वा लिया। वह कुछ दूरी पर खड़ी मोटर साइकिल से भागने के प्रयास में थे।
ये है मामला
एसडीएम सोरांव के न्यायालय से 27 जून को मौजा कटरा बनियान मुकुंदपुर के कैलाश चंद्र गुप्ता बनाम ओम प्रकाश मुकदमे में विवादित मकान व जमीन को धारा 146 (1) के अंतर्गत शांति बनाए रखने के लिए विवादित मकान कुर्क करने के आदेश दिए गए थे। एसओ होलागढ़ को आदेश था कि वह विवादित मकान कुर्क करके किसी स्थानीय विश्वसनीय एवं संभ्रांत व्यक्ति की सुपुर्दगी में देंगे। जिसकी आख्या एसडीएम कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।
‘पुलिस प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाया है। छोटे या बड़ा कोई भी अधिकारी हो, भ्रष्टाचार और गलत आचरण बर्दाश्त नहीं होगा’ आनंद कुलकर्णी, एसएसपी