मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के 23वें राज्य सम्मेलन के अंतिम दिन पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने देश के मौजूदा हालात पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। कहा कि वर्तमान सरकार देश की आर्थिक संप्रभुता को कॉरपोरेट के हाथों गिरवी रख दिया है। इसके साथ ही सांप्रदायिकता का जहर वह लगातार बोकर संविधान के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप के साथ खिलवाड़ कर रही है।
विज्ञापन
सीताराम येचुरी ने कहा कि जहां एक तरफ़ कोरोना काल में पूंजीपतियों की संपत्ति कई गुना बड़ी है। वहीं, दूसरी तरफ़ आम जनता बदतर हालत में पहुंच गई। दस महीने से चल रहे किसानों के आंदोलन के प्रति सरकार का रवैया तानाशाही पूर्ण और दमनकारी रहा है। अनुसूचित जाति, जनजाति और आदिवासियों के खिलाफ़ उत्पीड़न के मामले लगातर बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने आरएसएस पर भी हमला बोला।
Prayagraj News : सीपीआई के सम्मेलन में मौजूद पदाधिकारी।
- फोटो : प्रयागराज
भारत में मनुवादी व्यवस्था लागू करना चाहता है संघ
कहा कि संघ भारत में फांसीवादी, मनुवादी व्यवस्था लागू करना चाहता है। जिसको साकार करने के लिए भाजपा संवैधानिक ढांचे को ध्वस्त कर रही है। भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी किसान व मजदूरों के संघर्षों में सक्त्रिस्य भागीदारी करेगी। सम्मेलन में प्रकाश कारात, सुभाषिनी अली, केंद्रीय समिति सदस्य जेएस मजूमदार, राज्य सचिव हीरालाल, प्रेमनाथ, सुरेंद्र सिंह, बीएल भारती, मधु गर्ग, हरिराम पांडेय, अंबिका मिश्रा, विमल चौधरी, अखिल, विकास, गायत्री गांगुली आदि मौजूद रहे।
हीरालाल यादव फिर बने सचिव
सम्मेलन के समापन सत्र में पार्टी की नई राज्य कमेटी का चुनाव संपन्न किया गया। इसमें हीरालाल यादव को सचिव चुना गया। इसके अलावा डीपी सिंह, मुकुट सिंह, प्रेमनाथ राय, मधु गर्ग, बीएल भारती, सुरेंद्र सिंह, रवि मिश्रा और बाबूराम यादव को सचिव मंडल के लिए और दीनानाथ यादव, भारत सिंह, चंद्रपाल सिंह, अखिल विकल्प, राम अचल, नंदलाल पटेल, सालिगराम, नरोत्तम शुक्ला, अशोक तिवारी, एन आर यादव, जयप्रकाश, राजनाथ, रामजियावन, थान सिंह, अतीक अहमद, वीना गुप्ता, सुमन सिंह, गुलाबचंद, विवेक विक्त्रस्म, सतीश कुमार, बृजवीर सिंह, मुबीन अहमद को बतौर सदस्य शामिल किया गया।