मुकदमे में पैरवी करने पर हत्या का आरोप
उसका बेटा जितेंद्र कुमार मुकदमे की पैरवी कर रहा था। लेकिन विरोधी पक्ष की ओर से लगातार उसे मुकदमे की पैरवी न करने और जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। 11 जुलाई 2016 को उसका बेटा जितेंद्र कुमार मुकदमे की पैरवी के बाद राजरूपपुर से होते हुए एनसीआर जा रहा था। रास्ते में सूबेदारगंज में टैंक डिपो के पास कृष्ण कुमार का भाई रमेश पाल और अशरफ पुत्र मकूल हटवा निवासी ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
विवेचना के दौरान आया पूर्व सांसद का नाम
मामले में पुलिस की विवेचना के दौरान पूर्व सांसद अतीक का नाम भी सामने आया। पुलिस ने अतीक को भी हत्या में अभियुक्त बना लिया। याची की ओर से कोर्ट के समक्ष तर्क दिया गया कि याची पूर्व सांसद व कई बार विधायक रहा है। उसे मामले में सियासी रंजिशवश फंसाया गया है। मामले में विवेचक द्वारा वीरेंद्र यादव व सूरज पाल के बयान के बाद याची का नाम जोड़ा गया। याची मामले में पूरी तरह निर्दोष है।
अभियोजन की ओर से तर्क दिया गया कि याची के खिलाफ 47 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके द्वारा किया गया अपराध गंभीर प्रकृति का है। अदालत ने कहा कि याची पर मुकदमे की पैरवी न करने की बात को लेकर अपने साथियों के साथ मिलकर हमला करने का आरोप है। आरोप पत्र अभियुक्त के खिलाफ पेश किया गया है। लिहाजा वह जमानत पाने का हकदार नहीं है।