राज्यपाल ने अपने हाथ से सजाई आजाद की कोल्ट पिस्तौल
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सेंट्रल हॉल के आधुनिकीकरण के दौरान हटाई गई चंद्रशेखर आजाद की कोल्ट पिस्तौल को अपने हाथ से गैलरी की दीर्घा में सजाया। वह जब गैलरी में पहुंचीं, तब अफसरों ने उनके हाथों से कोल्ट पिस्तौल दीर्घा में रखवाई।
10 करोड़ की लागत से इलाहाबाद म्यूजियम में आजाद गैलरी का निर्माण
05 हजार स्कवायर फीट क्षेत्रफल में 1857 से 1947 तक की हर क्रांति के दर्शन
2018 में इस गैलरी को मिली थी मंजूरी
सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक सेंगोल के प्रतीक को भी किया गया प्रदर्शित
सेंट्रल हॉल में आजाद की आदमकद प्रतिमा भी पहली बार आम जनता के दर्शनार्थ लगाई गई। इसी प्रतिमा के बगल राजदंड के रूप में सेंगोल को प्रदर्शित किया गया। वॉकिंग गोल्डेन स्टिक के रूप में संग्रहालय में रखे गए इस सेंगोल की राजदंड के रूप में पहली बार पहचान अमर उजाला की रिपोर्ट के जरिए हुई थी। इसके बाद इस सेंगोल को संस्कृति मंत्रालय ने दिल्ली म्यूजियम में सुरक्षित कर लिया था। बाद में इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों संसद में स्थापित किया गया।