तीन साल पहले मर चुके व्यक्ति की शिकायत पर जौनपुर के एसडीएम ने याची का निर्माण कार्य रोक दिया। इससे हैरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हलफनामा मांगा तो एसडीएम अपनी कार्यवाही से पलट गए। उन्होंने कहा कि वह याची को निर्माण से रोक नहीं रहे। इस पर कोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी।
यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने जौनपुर निवासी अंकित जायसवाल व अन्य की याचिका पर दिया। इससे पहले मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अजित कुमार की अध्यक्षता वाली खंडपीठ कर रही थी। अधिवक्ता ने दलील दी कि याची ने विक्रय विलेख के जरिये शाहगंज तहसील के ग्राम भाड़ी गांव में जमीन खरीदी थी। उसी पर वह निर्माण करा रहा था। वहीं, एसडीएम ने उस रामचंद्र यादव नाम के व्यक्ति की शिकायत पर निर्माण कार्य रोकने के आदेश दिया है जिसका तीन साल पहले निधन हो चुका है।
इस पर कोर्ट ने एडीएम से व्यक्तिगत हलफनामा तलब कर पूछा था कि क्या मृतक खुद उनके पास शिकायत करने आया था? कोर्ट ने यह चेतावनी भी दी थी कि हलफनामा नहीं देने पर एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा। कोर्ट के तल्ख तेवर देख एसडीएम ने अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल किया। साथ ही बिना जांच किए अननफानन मृतक की शिकायत पर की गई कार्यवाही से पैर पीछे खींच लिए। कोर्ट से कहा कि वे याची को निर्माण कार्य करने से रोक नहीं रहे हैं।