कमिश्नरेट में अब अपराधियों की खैर नहीं। छह हजार सीसीटीवी कैमरों से लैस इस शहर में अपराधियों का पुलिस से बचकर निकलना टेढ़ी खीर होगा। पिछले नौ महीनों में ही कमिश्नरेट में चार हजार कैमरे लगवाए गए हैं। दो हजार सर्विलांस कैमरों से शहरी क्षेत्र में पहले ही निगरानी चल रही है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के इलाके भी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईट्रिपलसी) की जद में जल्द ही आ सकते हैं।
सेफ सिटी परियोजना के तहत इस बात के मुकम्मल इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। इसके तहत सरकारी कैमरे तो लगवाए ही गए, व्यापारियों से संपर्क कर उनसे अपने प्रतिष्ठानों के बाहर भी कैमरे लगवाने की अपील की गई। पुलिस ने उन्हें इसके फायदे बताए और इस तरह से नौ महीनों में कुल 3901 कैमरे लगवाए गए। खासतौर से ग्रामीण क्षेत्र के बाजार, स्कूल-कॉजेज व अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के बाहर कैमरे लगवाने पर विशेष जोर दिया गया।