एमएलएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग में स्थापित कोबास मशीन पूरी तरह से अत्याधुनिक है। नोबल पुरस्कार प्राप्त राश कंपनी की इस मशीन और अन्य उपकरण को आईसीएमआर ने स्थापित कराया है। करीब 4.5 करोड़ की लागत वाली इस मशीन से एक दिन में करीब 2500 आरटीपीसीआर जांचें की जा सकेंगी।
मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. मोनिका के मुताबिक इस मशीन में सिर्फ सैंपल अलग-अलग बार कोड के साथ लोड करने होंगे। इसकी रिपोर्ट विश्वसनीय मानी जाती है। मेडिकल कॉलेज की लैब को एनएबीएल मान्यता होने से इसकी प्रमाणिकता ज्यादा होगी।
डॉ. मोनिका ने बताया कि अभी कोबास मशीन के लिए आईसीएमआर ने दस हजार आरटीपीसीआर जांच किट दी हैं। राज्य सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग से एक लाख किट का आवेदन किया गया है। प्राचार्य के मुताबिक प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में इस आधुनिक मशीन के लिए प्रयागराज का चयन किया जाना गौरव की बात है।
फिलहाल वायरल इन्फेक्शन और कोविड की जांच
विभागाध्यक्ष माइक्रो बायोलॉजी डॉ. मोनिका के मुताबिक नई कोबास मशीन से फिलहाल कोविड और वायरल इन्फेक्शन की जांच ही की जाएगी। अत्याधुनिक इस कोबास मशीन में किट बदलने पर एचआईवी, एचवी, साइंस टू जैसी महंगी और कठिन जांचें भी की जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि मशीन में एक बार में 90 सैंपल लोड किए जा सकेंगे। फिर लोडिंग के हिसाब से हर आधे घंटे में रिपोर्ट आती रहेंगी।