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बस अड्डे के पास दो गुटों में भिड़ंत, सरेआम महिला को पीटा

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बस अड्डे के पास दो गुटों में भिड़ंत, सरेआम महिला को पीटा
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अवैध वाहन संचालन को लेकर मारपीट, मुकदमा दर्ज
प्रयागराज। रोडवेज बस अड्डे के पास अवैध वाहन संचालन के खेल में आखिरकार हंगामा हो ही गया। यहां यात्री बैठाने को लेकर दो गुटों में भिड़ंत हो गई जिसके बाद जमकर मारपीट हुई। एक पक्ष से पिट रहे युवक की मां आई तो उसे भी पीटा गया और छेड़छाड़ भी की गई। दोनों पक्षों की ओर से थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस का कहना है कि महिला की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।
रोडवेज बस अड्डे के पास अवैध रूप से बसों व कारों का संचालन होता है। वाराणसी, लखनऊ, जौनपुर, प्रतापगढ़ आदि रूटों पर प्राइवेट वाहनों से सवारियाें को पहुंचाया जाता है। ऐसा करके सरकार को राजस्व का चूना तो लगाया ही जाता है, साथ ही अवैध वाहन संचालकों की दबंगई के चलते कई बार यात्री भी परेशान होते हैं। शनिवार सुबह सात बजे के करीब लखनऊ रूट पर अवैध तरीके से कार चलवाने वाले दो गुट यात्री को पहले अपनी गाड़ी में बैठाने को लेकर आपस में भिड़ गए। इसकेबाद वहां मारपीट शुरू हो गई। दोनों पक्षों ने एक- दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए और इससे वहां भगदड़ मच गया। मारपीट में पिट रहे एक युवक की मां उसे बचाने पहुंची तो उसे भी पीटा गया और आरोप यह भी है कि उससे छेड़छाड़ की गई। आसपास के लोगों के बीचबचाव करने पर मामला शांत हुआ। 112 नंबर पर सूचना देने के बाद महिला ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। उधर दूसरे पक्ष ने भी शिकायत दर्ज कराई। भुक्तभोगी महिला का बेटा भी अवैध रूप से कार चलवाता है जबकि दूसरे पक्ष में शामिल दो युवक भी इसी काम में लिप्त हैं। इनमें से एक पुलिस लाइन के फॉलोवर जबकि दूसरा इलेक्ट्रीशियन का बेटा है। इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव का कहना है कि महिला की तहरीर पर मारपीट का केस लिखा गया है।
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रिटायर दरोगा है सरगना, गुर्गे कर रहे खेल
सूत्रों का कहना है कि बस अड्डे के पास अवैध वाहन संचालन के खेल का सरगना एक रिटायर दरोगा है। सिविल लाइंस थाने में तैनाती के दौरान खासा चचित रहे इस रिटायर दरोगा की शह पर ही उसके गुर्गे गुंडई से अवैध वाहनों का संचालन करवाते हैं। इन वाहनों से वसूली चौहान व तिवारी नाम के दो शख्स करते हैं और उनके जरिए रकम सरगना और फिर आगे पहुंचती है। रोडवेज अफसरों की शिकायत के बावजूद पुलिस व आरटीओ विभाग कार्रवाई नहीं करते जिससे उनकी भूमिका पर भी सवाल खड़े होते हैं।
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