तकरीबन डेढ़ दशक पहले महज 16 साल की उम्र में मनोज उर्फ छोट्टन गिरि ने तत्कालीन सपा नेता की हत्या कर सनसनी फैला दी थी। पहले से अपने साथियों संग घात लगाए छोट्टन ने 29 जून 2005 की भोर में शौच जाते वक्त सपा नेता मोहनलाल यादव उर्फ मुनीम की गोली और बम मारकर निर्मम हत्या कर दी थी।
इसके बाद गांव में जमकर बवाल, आगजनी और तोडफ़ोड़ हुई थी। कुछ साल बाद छोट्टन जमानत पर बाहर आया। इसी बीच नौ फरवरी 2014 को उस पर गोली और बम से कातिलाना हमला किया गया। छोट्टन ने उस वक्त न केवल अपनी जान बचाई। बल्कि फिल्मी स्टाइल में बाइक पर उल्टे बैठकर राइफल से गोलियां चलाते हुए वहां से भाग निकला था। इस दौरान गोली लगने से दो की हत्या हुई थी। तभी से छोट्टन जेल में ही बंद है।
prayagraj news : बबलू गिरी।
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थाना क्षेत्र के उस्तापुर-महमूदाबाद गांव के ग्रामीण आज भी 29 जून 2005 तथा नौ फरवरी 2014 की तारीख नहीं भूले हैं। इन दो तारीखों के कारण गांव में जमकर बवाल, आगजनी और तोडफ़ोड़ हुई थी। कई दिनों तक गांव में पुलिस के साथ ही पीएससी बल को तैनात किया गया था। 29 जून 2005 की भोर में तकरीबन पांच बजे सपा नेता मोहनलाल यादव उर्फ मुनीम घर से शौच को जा रहे थे। तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन पर गोली और बम से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। मुनीम की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस हत्या में छोट्टन गिरि भी निरुद्घ था। कई साल बाद वह जमानत पर छूटकर आया तो बड़े भाई प्रमोद उर्फ बब्लू गिरि के साथ जमीन के कारोबार में जुट गया। दोनों भाईयों ने कुछ ही महीनों में लाखों रुपये कमाए। इसी बीच नौ फरवरी 2014 की सुबह छोट्टन घर से किसी को प्लाट दिखाने के लिए निकला था। तभी उस पर गोली और बम से जानलेवा हमला कर दिया गया। हमले में छोट्टन बाल-बाल बच गया और भागते हुए घर पहुंचा। वहां से राइफल लेकर आया और बाइक पर उल्टे बैठकर गोलियां बरसाते हुए गांव से भाग निकला। फायरिंग में बाल पुष्टाहार विभाग के सीनियर क्लर्क हरिश्चंद्र पासी, शंभू, रंजीत और राजू नामक युवक को गोली लगी थी। हमले में हरिश्चंद्र और कटका गांव के शंभू की मौत हो गई थी। तभी से छोट्टन जेल में ही बंद है।
पेशी के दौरान कचहरी में भी काटा था बवाल
तकरीबन पांच साल पहले मुकदमे की तारीख पर कचहरी पेशी पर आए छोट्टन ने किसी अधिवक्ता से विवाद कर लिया था। तब अधिवक्ताओं ने उसे पुलिसकर्मियों से छीनकर जमकर पिटाई की थी। किसी तरह पुलिस ने उसे बचाकर गाड़ी में डाला और वापस लेकर कचहरी चले गए। वारदात से कचहरी में घंटों अफरा-तफरी मची रही थी।