15 अप्रैल को हुई थी माफिया बंधुओं की हत्या
माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ की मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) के गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना को उस समय अंजाम दिया गया जब अतीक और अशरफ को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। शाम को मेडिकल परीक्षण के लिए उन्हें कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया था। गाड़ी से उतरने के बाद जैसे ही दोनों अस्पताल के गेट पर पहुंचे थे कि मीडिया कर्मियों के वेश में पहुंचे हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
24 फरवरी को हुई थी उमेश पाल की हत्या
विधायक राजू पाल हत्याकांड के चश्चमदीद गवाह उमेश पाल की हत्या 24 फरवरी को उनके घर के सामने कर दी गई थी। कचहरी से ही पीछा कर रहे बदमाशों ने सुलेमसराय में उमेश पाल को उनके घर के गेट पर ही गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। पूरी घटना का वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया। इसमें माफिया अतीक अहमद का तीसरे नंबर का बेटा असद अहमद भी गोली चलाते दिखा था, जिसे पुलिस ने 13 अप्रैल को झांसी में एक मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया था। उसके साथ हत्याकांड में शामिल गुलाम हसन को भी पुलिस ने मार गिराया था।