चिह्नित माफिया बच्चा पासी के गिरोह के सदस्य मंजीत कुशवाहा के खिलाफ पुलिस ने पांच लाख की धोखाधड़ी के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर इस मुकदमे में गालीगलौज के साथ ही एससी-एसटी एक्ट की धारा की भी बढ़ोत्तरी की गई है। मामला जमीन के नाम पर रुपये हड़पने के आरोप से संबंधित है।
धूमनगंज के साकेत नगर निवासी गुरु प्रसाद पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। उनके सहायक अध्यापक बेटे कैलाश ने इसी साल 24 अक्तूबर को पीपलगांव निवासी जिला पंचायत सदस्य मंजीत कुशवाहा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धारा में केस दर्ज कराया था। वह बच्चा पासी का करीबी और डी-46 गैंग का सदस्य है।
उसका आरोप है कि आरोपी ने छह साल पहले झलवा में जमीन के नाम पर उससे पांच लाख रुपये लिए। लेकिन जमीन नहीं दी। पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर मुकदमे में गालीगलौज व एससी एसटी एक्ट की धाराओं की बढ़ोत्तरी की गई। साथ ही लगाए गए आरोप सही पाए जाने पर मुकदमे में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। सीओ सिविल लाइंस अजीत सिंह चौहान ने बताया कि विवेचना के दौरान आरोप सही मिलने पर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में प्रेषित कर दी गई है।
टरकाती रही थी पुलिस, कप्तान के आदेश पर हुई थी कार्रवाई
पीड़ित का आरोप था कि कई बार शिकायत के बावजूद धूमनगंज थाने में उसकी सुनवाई नहीं हुई। एसएसपी को दिए गए शिकायती पत्र में उसने बताया था कि 14 सितंबर को उसने प्रकरण की शिकायत आईजीआरएस पर की। इंस्पेक्टर के निर्देशित करने पर संबंधित चौकी प्रभारी ने 16 दिन बाद रिपोर्ट दे दी कि शिकायत की जांच कोतवाली पुलिस से कराई जाए। जबकि बाद में कोतवाली पुलिस की ओर से भी आख्या देकर यही बताया गया कि घटनास्थल धूमनगंज है। इस तरह उसे धूमनगंज पुलिस कार्रवाई की बजाय टरकाती रही।