ललिता देवी में उमड़ी भक्तों की भीड़।
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आलोपी बाग में श्रद्धालुओं का लगा तांता
अलोपीबाग स्थित सिद्धपीठ अलोपशंकरी मंदिर में देवी के दर्शन के साथ ही निशान चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यहां नवविवाहित जोड़ों ने मंदिर में दर्शन, पूजन करके आशीर्वाद मांगा। इसी तरह मुट्ठीगंज स्थित कालीबाड़ी समेत शहर के अन्य देवी मंदिरों में मां के दर्शन एवं पूजन के लिए लोगों की भीड़ जमा रही। तमाम मंदिरों के पास लगी दुकानों से ही लोगों ने लाल चुनरिया, नारियल सहित पूजन सामग्री और माला-फूल आदि की खरीदारी की।
अलोपशंकरी में होती है मां के पालने के पूजा
शक्तिपीठ अलोप शंकरी में तो भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। समूची दुनिया में यह इकलौता ऐसा मंदिर है, जहां देवी की कोई मूर्ति नहीं है और श्रद्धालु एक पालने की पूजा करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक़ शिवप्रिया सती के दाहिने हाथ की उंगलियां यहां गिरकर अलोप यानी अदृश्य हो गई थीं, इसलिए यहां देवी के पालने की पूजा की जाती है। यही वजह है कि शारदीय नवरात्रि के मौके बड़ी संख्या में भक्त देवी मां के दर्शन पूजन के लिए जुटते हैं।