प्रादेशिक सेवा के वरिष्ठ शिक्षाधिकारी एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर के नाम पर पीएमओ की आपत्ति के बाद उनकी सीबीएसई चेयरमैन बनने की संभावना खत्म हो गई है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट (एसीसी) ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सिफारिश को नकार दिया है। प्रधानमंत्री की ओर से सर्वेंद्र विक्रम सिंह का नाम नकार दिए जाने के बाद इस पद पर नई नियुक्ति होने में देरी की संभावना है। सीबीएसई चेयरमैन का पद 2014 से खाली चल रहा है।
डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग की ओर से मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजे पत्र में कहा गया है कि सीबीएसई चेयरमैन के पद को एसीसी ने सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के अधिकारी से भरने का सुझाव दिया है। अब सीबीएसई चेयरमेन का पद सिविल सर्विस बोर्ड के जरिए तय करके कैबिनेट कमेटी को भेजा जाएगा। प्रधानमंत्री की ओर से पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की पसंद का नकारे जाने को एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
सीबीएसई चेयरमैन का पद 2014 में आईएएस अधिकारी विनीत जोशी के कार्यकाल पूरे हो जाने के बाद से खाली चल रहा है। इस पद के लिए ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के अधिकारी का होना जरूरी है, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इसी बात को ध्यान में रखकर सर्वेंद्र विक्रम सिंह के नाम को रिजेक्ट किया है। इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सर्च कमेटी ने तीन नामों का चुनाव करके डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग को भेजा था। इसमें सर्वेंद्र विक्रम सिंह पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की पहली पसंद थे, इसके अलावा पैनल में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एजुकेशन प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन के प्रोफेसर कमलाकांत विश्वाल के साथ नेवी के एजुकेशनल विंग के एडिशनल डाइरेक्टर खुर्रम शहजाद नूर का नाम था।