उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) का पेपर लीक मामला सामने आने के बाद आयोग की परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई भी सक्रिय हो गई है। आयोग के कुछ कर्मचारियों को सीबीआई मुख्यालय तलब कर लिया गया है। साथ ही उनसे कुछ दस्तावेज भी मंगाए गए हैं।
हालांकि सीबीआई उन परीक्षाओं की जांच कर रही है, जो अप्रैल-2012 से मार्च-2017 तक आयोजित की गईं। इसके अलावा अपर निजी सचिव (एपीएस) परीक्षा-2010 की जांच के लिए सीबीआई को अलग से अनुमति प्रदान की गई है। सीबीआई की ओर से पीसीएस-2015 में धांधली को लेकर मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है। हालांकि जांच का नेतृत्व कर रहे आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन का तबादला होने के बाद जांच काफी धीमी पड़ गई है लेकिन एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में धांधली का मामला सामने आने के बाद सीबीआई फिर से सक्रिय हो गई है।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने आयोग के सिस्टम एनालिस्ट समेत कुछ अन्य कर्मचारियों को सोमवार सुबह 10 बजे तक दिल्ली स्थित मुख्यालय तलब कर लिया है। कर्मचारियों को कुछ परीक्षाओं से संबंधित दस्तावेज भी साथ लाने को कहा गया है। सीबीआई इन दस्तावेजों का परीक्षण करेगी। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि सीबीआई ने जो दस्तावेज मंगाए हैं, उनमें एलटी ग्रेड परीक्षा से संबंधित अभिलेख है या नहीं। सूत्रों के मुताबिक कई दिनों बाद अचानक सक्रिय हुई सीबीआई जल्द ही कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है। सीबीआई के कुछ अफसर भी प्रयागराज स्थित कैंप कार्यालय आने की तैयारी में हैं और आयोग में फिर से जांच-पड़ताल शुरू की जा सकती है।