उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई टीम ने सोमवार को पीसीएस-2015 के सात चयनित अफसरों से पूछताछ की। टीम ने उनके सामने दो दर्जन से अधिक सवालों की प्रश्नावली रखी। पूर्व प्रदेश सरकार के कुछ कद्दावर नेताओं और आयोग के कई कर्मचारियों, अफसरों एवं सदस्यों के नाम चयनितों के सामने रखे गए। सीबीआई ने उनसे पूछा कि बताएं इनमें से किसे जानते हैं और पूर्व में इनसे फोन पर बात हुई है या नहीं।
पूछताछ के लिए सीबीआई के गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में पीसीएस-2015 के दस संदिग्ध चयनितों को बुलाया गया था, जिनमें से सात उपस्थित हुए। ये चयनित अफसर इलाहाबाद मंडल के विभिन्न जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक जिले में तैनात हैं। पूछताछ के लिए जो नहीं आए, उन पर अब सख्ती की तैयारी है। सीबीआई के अफसरों ने चयनितों को अलग-अलग कमरों में बैठाकर घंटों पूछताछ की। सुबह 10.30 शुरू हुई पूछताछ देर शाम तक चली। इस दौरान चयनितों की राजनैतिक, सामाजिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि खंगाली गई। पूछा गया पीसीएस परीक्षा में कितनी बार शामिल हुए? वर्तमान तैनाती स्थल पर किस नेता या बड़े अफसर से परिचय है?
चयनितों से आयोग के कुछ विशेषज्ञों और मॉडरेटरों के बारे में पूछा गया कि इनमें से किसे जानते हैं? इसके अलावा चयनित अफसर, परिवार के सदस्यों और खास रिश्तेदारों के बैंक एकाउंट नंबरों की जानकारी भी मांगी गई। सीबीआई ने पांच-पांच सवालों की सूची तैयार की थी। दो दर्जन से अधिक सवाल पूछे गए। अंत में यही पूछा गया, ‘आप सीबीआई को क्या बताना चाहते हैं?’ मंगलवार को भी पूछताछ के लिए पीसीएस-2015 के दस अन्य चयनित अफसरों को सीबीआई ने कैंप कार्यालय में तलब किया है।
पूछताछ के दौरान पीसीएस-2015 में चयनित एक महिला अफसर रो पड़ी। वह जांच टीम का नेतृत्व कर रहे सीबीआई के एसपी राजीव रंजन से मिलना चाहती थी। एसपी अपने चैंबर में थे, लेकिन उन्होंने किसी भी चयनित अफसर से मिलने से साफ इनकार कर दिया। जांच टीम को निर्देश दिए कि पूछताछ जारी रखें और हर सवाल का जवाब मांगें।
सीबीआई टीम ने पूछताछ के बाद चयनित अफसरों से हलफनामा लिया और हलफनामा में लिखने को कहा कि चयनितों ने सवाल के जो जवाब दिए हैं, उसके लिए वे खुद जिम्मेदार होंगे। पीसीएस-2015 के संदिग्ध चयनित अफसरों ने कैंप कार्यालय के बाहर मीडिया की उपस्थिति पर आपत्ति जताई। उन्होंने सीबीआई टीम से कहा कि मीडिया को यहां से हटाएं। इस पर सीबीआई के अफसरों ने कहा कि मीडिया को उन्होंने नहीं बुलाया है और मीडिया के लोग कैंप कार्यालय के बाहर मौजूद हैं। इसलिए वह कुछ नहीं कर सकते। पीसीएस-2015 के चयनित अफसरों से पूछताछ करने के लिए सोमवार को सीबीआई की स्पेशल टीम दिल्ली से इलाहाबाद पहुंची। पूछताछ इसी टीम के अफसरों ने की।, पूछताछ के लिए सीबीआई ने जिन चयनित अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाया था, उन्हें देखने के लिए कैंप कार्यालय के बाहर प्रतियोगी छात्रों की भीड़ लगी रही।