दो दिन पूर्व 18 अक्तूबर को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की आम सभा के दौरान एल्डर कमेटी और निवर्तमान कार्यकारिणी के सदस्यों के बीच हुई मारपीट की घटना में दोनों पक्षों की ओर से कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों पक्षों ने घटना के बाद एक दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी। निवर्तमान कार्यकारिणी की ओर से महासचिव प्रभा शंकर मिश्र ने, जबकि एल्डर कमेटी की ओर से कमेटी के चेयरमैन शशि प्रकाश सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है ।
एल्डर कमेटी की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया था कि कोर्ट के आदेश पर जब कमेटी के सदस्य आम सभा की बैठक करने पहुंचे तो बैठक स्थल पर निवर्तमान कार्यकारिणी के सदस्य व उनके समर्थक पहले से मौजूद थे। उन्होंने एल्डर कमेटी के सदस्यों को सभा करने से रोका तथा मारपीट की व गालियां दीं।
उनकी तहरीर पर थाने में बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष अमरनाथ सिंह, महासचिव प्रभा शंकर मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जमील अहमद आज़मी, कोषाध्यक्ष दुर्गेश तिवारी, राहुल पांडे, प्रखर शुक्ला उर्फ लकी, विभूति नारायण त्रिपाठी सोहगौरा व एक अज्ञात के खिलाफ विधि विरुद्ध जमाव, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने, गालियां देने, नुकसान पहुंचाने व आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जबकि प्रभाशंकर की ओर से दी गई तहरीर पर एल्डर कमेटी पर निवर्तमान कार्यकारिणी को सभा करने से रोकने, मारपीट करने, गालियां देने, नुकसान पहुंचाने की धाराओं में एल्डर कमेटी के चेयरमैन शशि प्रकाश सिंह, सदस्य एनसी राजवंशी, टीपी सिंह, अनिल तिवारी व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिला न्यायालय के वकीलों ने नहीं किया न्यायिक कार्य
जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने शाहजहांपुर कचहरी में हुई अधिवक्ता की हत्या के विरोध में न्यायिक कार्य नहीं किया। आम सभा में अधिवक्ताओं ने कहा कि अदालत में भी अधिवक्ता सुरक्षित नहीं हैं। अधिवक्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार से मृतक अधिवक्ता के परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग का प्रस्ताव पारित किया और इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा।
शाहजहांपुर कचहरी के अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह की हत्या के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ की आम सभा बुधवार को सुबह 11 बजे आयोजित की गई, जिसका संचालन संघ के मंत्री प्रमोद सिंह नीरज और विद्याभूषण द्विवेदी ने किया। सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणजीत यादव ने की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि कोर्ट परिसर में न्यायिक कार्य के दौरान अधिवक्ताओं की हो रही हत्याएं चिंता का विषय हैं। अधिवक्ता अदालत में भी सुरक्षित नहीं हैं। अधिवक्ताओं की सुरक्षा के संबंध में वक्ताओं ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने की बात कही और घटना की निंदा की गई।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने विरोध जताते हुए न्यायिक कार्य में भाग नहीं लिया। आम सभा में प्रस्ताव पारित किया गया कि पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। बाद में अधिवक्ता जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
आम सभा में संघ की उपाध्यक्ष शिमला पांडे, संयुक्त मंत्री नरेंद्र कुमार मिश्र पिंटू, कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद मिश्र, लाइब्रेरियन राम मणि शुक्ला, ऑडिटर अमरीश त्रिपाठी रवि, कार्यकारिणी सदस्य अजातशत्रु, नवीन त्रिपाठी , भावना पांडे, अभय कुमार द्विवेदी, अजय कुमार पांडे, आशीष मिश्र, पूर्व अध्यक्ष राकेश तिवारी, पूर्व मंत्री राजेंद्र मिश्र रज्जू समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।