सनातन एकता मिशन के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने मिलकर एससीएसटी के प्रावधानों के विरोध में शुक्रवार की शाम कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाए जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस मसले पर संसद की ओर से पारित काले कानून को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस कानून से एससीएसटी एक्ट के दुरुपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
शाम करीब छह बजे सिविल लाइंस हनुमन निकेतन के पास से कैंडिल मार्च निकाला गया। इसमें हाथों में तख्तियां लिए वकील, चिकित्सक, शिक्षक, साहित्यकार शामिल थे। सुभाष चौराहे पर पहुंचकर कैंडल मार्च सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान एससीएसटी एक्ट पर संशोधन बिल वापस लो... तुष्टीकरण की नीति नहीं चलेगी.... काला कानून वापस लो... जैसे नारे लगाए जा रहे थे। यहां मिशन के अध्यक्ष अशोक कुमार पाठक ने कहा कि इस एक्ट को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आम नागरिकों के नैसर्गिक अधिकारों के अनुरूप था। इस मौके पर कांग्रेस सेवा दल के अरुण तिवारी, राजेंद्र पांडेय, शैलेंद्र अवस्थी,सहदेव मुखर्जी, रामनरेश तिवारी पिंडीवासा, योगेश तिवारी, नीरज दीक्षित, अनूप तिवारी, हीरामणि त्रिपाठी, धनंजय राय, विनोद पांडेय, देवराज पाठक, दीपक मिश्रा, राजेंद्र तिवारी दुकान जी, गिरीश मिश्रा, जयेश अग्रवाल समेत तमाम लोग शामिल थे। उधर, श्रीजी सेवा संस्थान परिसर में हुई बैठक में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष पं. सत्यम कृष्ण शास्त्री ने केंद्र सरकार पर सवर्ण विरोधी होने का आरोप लगाया। एससीएसटी कानून में संशोधन से समाज में खाई बढ़ेगी।
दिल्ली के जंतर मंतर पर संविधान जलाने और आंबेडकर के खिलाफ नारे लगाने वालों के विरोध में शुक्रवार को जनवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रतिरोध मार्च निकाला। बालसन चौराहे से आंबेडकर प्रतिमा तक निकाले गए जुलूस में सामाजिक न्याय मोर्चा, जनवादी छात्र सभा, भारत सहयोग संघ, मानववादी छात्र युवजन सभा के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सछास की नेहा यादव ने इविवि के महिला छात्रावास से 50 छात्राओं से साथ निकलकर जुलूस का समर्थन किया। सभा में आशुतोष भारतीय, दिनेश चौधरी, गोरख नाथ सिंह, अमित पटेल ने विचार व्यक्त किए।