परेड मैदान में आयोजित ब्राह्मण महाकुंभ में जुटे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
दिनेश शर्मा ने कहा कि बच्चों में संस्कार डालने की जरूरत है। आज हम पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में आ गए हैं। हम अपनी संस्कृति और संस्कार को भूलते जा रहे हैं। पहले जन्मदिन पर टीका लगाया जाता था और दीपक जलाए जाते थे और सत्य नारायण भगवान की कथा होती थी। आज कैंडल जलाकर चाकू से अंडे का केक काटा जा रहा है और गाना बजाया जा रहा है।
परेड मैदान में आयोजित ब्राह्मण महाकुंभ में जुटे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
कहा कि ब्राह्मणों ने देश को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है। ब्राह्मणों ने वेद और पुराणों की रक्षा की है। मुगलो, अंग्रेजों, पुर्तगालियों ने देश को लूटने, घसोटने और नोचने का कार्य किया। हमारी संस्कृति को वह नष्ट नहीं कर सके। कहा कि रामायण, महाभारत लिखने वाले ब्राह्मण नहीं थे। गीता का उपदेश देने वाले भगवान श्रीकृष्ण भी ब्राह्मण नहीं थे।
परेड मैदान में आयोजित ब्राह्मण महाकुंभ में मंचासीन नेता।
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कहा कि देश में सिर्फ एक ही जाति होनी चाहिए और वह है गरीबी। प्रधानमंत्री मोदी का भी यही कहना है कि जाति पाति से ऊपर उठकर गरीबी दूर करना ही एकमात्र लक्ष्य होना चाहिए। कहा कि जिसके अंदर संस्कार है वही ब्राह्मण है। ब्राह्मण त्याग और तपस्या और समर्पण की भावना से कार्य करता है। जाति और धर्म से ऊपर उठकर हमे देश को एकता से सूत्र में पिरोने का कार्य करना चाहिए।